10 लाख लो, बाकी भूल जाओ...फर्जी एग्रीमेंट, चेक और लाइसेंस के नाम पर रिटायर्ड अफसर से 13 करोड़ की ठगी
लखनऊ: राजधानी लखनऊ के गोमती नगर इलाके में पार्टनरशिप के नाम पर 13 करोड़ रुपये की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में एक दंपती समेत चार लोगों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ऐसे दिया गया झांसा
पीड़ित कृष्ण प्रताप सिंह के अनुसार, पड़ोस में रहने वाले मारुत सुत तिवारी और उनकी पत्नी आनन्दिता तिवारी ने खुद को एक निजी कंपनी का डायरेक्टर बताया। उन्होंने कंपनी में 50% पार्टनर बनाने का लालच दिया
लाइसेंस ट्रांसफर और डिस्ट्रीब्यूशनशिप दिलाने का भरोसा दिलाया। 2022 से 2024 के बीच 13 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम ऐंठ ली
फर्जी एग्रीमेंट और चेक का खेल
आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपियों ने कई चेक दिए, जो बाद में बेकार साबित हुए। एक फर्जी एग्रीमेंट तैयार किया, जिसमें 40 लाख RTGS से देने की बात लिखी गई, लेकिन पीड़ित के खाते में कोई पैसा नहीं पहुंचा।
बैंक स्टेटमेंट से इस धोखाधड़ी की पुष्टि होने का दावा किया गया है।
रिटायर्ड पिता को भी नहीं छोड़ा
पीड़ित ने बताया कि उनके पिता, जो सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी हैं, को भी झांसे में लिया गया।
उन्हें कंपनी का चेयरमैन बनाने का लालच दिया गया। करीब 2.58 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। FD तुड़वाकर भी लाखों रुपये लिए गए
समझौते के बाद भी नहीं लौटाए पैसे
25 अक्टूबर 2025 को एक लिखित समझौता हुआ, जिसमें 30 नवंबर 2025 तक पूरी रकम लौटाने का वादा किया गया, लेकिन कई महीने बाद भी एक रुपया वापस नहीं किया गया।
पैसे मांगने पर दी जान से मारने की धमकी
पीड़ित का आरोप है कि 16 नवंबर 2025 को सतरिख चौराहे के पास गाड़ी रोककर धमकाया गया। आरोपियों ने कहा—“10 लाख ले लो, बाकी भूल जाओ। विरोध करने पर जान से मारने और फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी गई
पुलिस जांच शुरू
मामले में मारुत सुत तिवारी, आनन्दिता तिवारी, विजय कोहली और रश्मि कोहली के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की भूमिका खंगाली जा रही है।
