Movie prime

यूपी ATS के हत्थे चढ़ा जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा आतंकी गिरफ्तार, पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था

 
..
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

उत्तर प्रदेश एटीएस ने पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध रखने के आरोप में 24 वर्षीय मोहम्मद जफर को गिरफ्तार किया है। जफर मूल रूप से बिहार के पूर्णिया जिले का रहने वाला है और मेरठ के एक मदरसे में पढ़ाई कर चुका है। एटीएस का दावा है कि वह मदरसे के नाम पर चंदा जुटाता था और कथित तौर पर इस रकम का एक हिस्सा पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क तक पहुंचाने की कोशिश करता था।

जांच एजेंसी के मुताबिक, जफर के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच में जेहादी गतिविधियों से जुड़े कई सुराग मिले हैं। एटीएस अब उसके डिजिटल संपर्कों और कथित नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

जेहादी और भड़काऊ सामग्री साझा करने का आरोप

एटीएस के अनुसार, जफर जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के भाषणों से प्रभावित था। जांच एजेंसी का आरोप है कि वह सोशल मीडिया के जरिए जेहादी और भड़काऊ सामग्री साझा करता था। एजेंसी को आशंका है कि इन गतिविधियों के जरिए लोगों को हिंसक गतिविधियों के लिए उकसाने की कोशिश की जा रही थी।

जांच के दौरान जफर के मोबाइल फोन से पाकिस्तान से जुड़े कुछ संदिग्ध व्हाट्सऐप ग्रुप मिलने का भी दावा किया गया है। एटीएस के मुताबिक, इन ग्रुपों में कथित तौर पर जेहाद और चंदे को लेकर बातचीत होती थी। फेसबुक पर भी जफर द्वारा चेहरा ढककर जेहाद और खिलाफत से जुड़े बयान पोस्ट किए जाने की बात सामने आई है।

पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में आने का दावा

एटीएस का कहना है कि जफर बाद में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक कथित जेहादी ग्रुप के संपर्क में आया और इसके जरिए पाकिस्तानी हैंडलर तक पहुंचा। जांच एजेंसी के मुताबिक, जफर ने आतंकी गतिविधियों में मदद करने की पेशकश की थी। आरोप है कि हैंडलर के निर्देश पर उसने रकम भेजने का प्रयास भी किया।

क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पैसे भेजने का आरोप

जांच एजेंसी के अनुसार, जफर ने बाइनेंस अकाउंट की मांग की और कथित तौर पर पाकिस्तान से जुड़े लोगों के संपर्क में रहते हुए क्रिप्टोकरेंसी के जरिए कई बार रकम भेजी। एजेंसी का दावा है कि यह रकम USDT के रूप में ट्रांसफर की गई।

एटीएस ने जफर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब एजेंसी उसके संपर्क में रहे लोगों, कथित आर्थिक लेन-देन और डिजिटल नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है।