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दोस्त ने ही रची थी साजिश, 12 घंटे तक रहा शवों के बीच, प्रयागराज कारोबारी हत्याकांड में कई चौंकाने वाले खुलासे

 
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प्रयागराज के चर्चित वैश्य परिवार हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी पत्नी अनीता वैश्य, बेटी मीनाक्षी वैश्य और बेटे अभिषेक वैश्य की हत्या के मामले में पुलिस ने अभिषेक के दोस्त सनी गुप्ता को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि संपत्ति और पैसों के लालच में यह पूरी साजिश रची गई थी।

CCTV फुटेज से पुलिस पहुंची आरोपी तक

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने साउथ मलाका से मुट्ठीगंज तक करीब 2 किलोमीटर के दायरे में लगे 150 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। एक फुटेज में आरोपी सनी गुप्ता 31 मई को अभिषेक के साथ घर में प्रवेश करता दिखाई दिया, जबकि अगले दिन सुबह वह अकेले घर से निकलता नजर आया।

पुलिस ने फुटेज स्थानीय दुकानदारों को दिखाई, जिन्होंने उसकी पहचान सनी गुप्ता के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

हत्या के बाद 12 घंटे तक घर में रहा आरोपी

पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के बाद सनी गुप्ता करीब 12 घंटे तक उसी घर में मौजूद रहा। इस दौरान उसने खून के निशान मिटाने, सबूत नष्ट करने और लूटे गए जेवरों को ठिकाने लगाने की कोशिश की। वह रातभर घर में रहा और सुबह करीब 5 बजे वहां से निकल गया।

घर पहुंचने पर परिजनों ने उससे रातभर गायब रहने का कारण पूछा तो उसने बताया कि वह एक शादी समारोह में कचौड़ी बनाने का काम कर रहा था।

हत्या की पूरी साजिश

पुलिस कमिश्नर के अनुसार, 31 मई की दोपहर अभिषेक वैश्य ने अपने दोस्त सनी गुप्ता को घर बुलाया था। दोनों ने साथ बैठकर शराब पी और हत्या की योजना बनाई। आरोप है कि अभिषेक अपने पिता से नाराज था और आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। इसी वजह से उसने संपत्ति और जेवर हासिल करने के लिए परिवार को खत्म करने की साजिश रची।

सबसे पहले अभिषेक और सनी ने मीनाक्षी पर हमला किया। इसके बाद वीरेंद्र वैश्य और उनकी पत्नी अनीता की हत्या कर दी गई। तीनों की हत्या के बाद घर में रखे करोड़ों रुपये मूल्य के गहनों पर हाथ साफ किया गया।

लालच में दोस्त की भी कर दी हत्या

पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद लूटे गए गहनों के बंटवारे को लेकर अभिषेक और सनी के बीच विवाद हो गया। इसी दौरान सनी ने लोहे की रॉड से हमला कर अभिषेक की भी हत्या कर दी। इसके बाद उसने टॉयलेट क्लीनर डालकर अभिषेक का चेहरा झुलसा दिया ताकि पहचान और सबूत मिटाए जा सकें। आरोपी ने घर और सीढ़ियों पर पड़े खून के निशान भी साफ करने की कोशिश की।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चारों मृतकों के शरीर पर गंभीर चोटों की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, वीरेंद्र वैश्य और उनकी पत्नी के सिर पर कई बार वार किए गए थे, जिससे उनकी खोपड़ी की कई हड्डियां टूट गईं। बेटी मीनाक्षी के सिर में भी गंभीर चोट मिली, जबकि अभिषेक के शरीर पर 12 से अधिक चोटों के निशान पाए गए।

पुलिसकर्मियों पर भी गिरी गाज

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के भाई ने घटना से पहले पुलिस को उसके लापता होने की सूचना दी थी, लेकिन उस पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई। मामले में लापरवाही बरतने पर साउथ मलाका चौकी प्रभारी और एक वरिष्ठ उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है।

करोड़ों की संपत्ति वाला परिवार हुआ खत्म

वीरेंद्र कुमार वैश्य प्रयागराज के प्रतिष्ठित कारोबारी थे। उनका लगभग 8,000 वर्गफीट में बना मकान और कई दुकानें थीं। परिवार के चार सदस्यों की हत्या के बाद अब यह विशाल घर पूरी तरह सूना हो गया है। परिवार का एक बेटा पहले से जेल में बंद है, जबकि उसकी पत्नी मायके में रह रही है।

यह हत्याकांड न सिर्फ प्रयागराज बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस मामले की अन्य कड़ियों की भी जांच कर रही है।