FB रिक्वेस्ट से शुरू हुआ ठगी का खेल, एलन मस्क के नाम पर रिटायर्ड महिला से 1.57 करोड़ का फ्रॅाड
Mar 17, 2026, 13:16 IST
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कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड महिला टीचर को झांसा देकर करीब 1.57 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के संस्थापक Mark Zuckerberg का सहयोगी बताकर महिला से दोस्ती की और फिर स्कूल बिजनेस में पार्टनर बनाने का लालच देकर करोड़ों रुपये ऐंठ लिए।
पीड़िता एलिसन वीम्स चकेरी थाना क्षेत्र के जगईपुरवा की रहने वाली हैं। उन्होंने 27 फरवरी 2026 को National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज कराई। मामले में कार्रवाई करते हुए साइबर सेल ने करीब 30.42 लाख रुपये फ्रीज करवा दिए हैं।
मामले की पुष्टि करते हुए श्रवण करमार सिंह, डीसीपी क्राइम, कानपुर ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है।
फेसबुक पर आई ‘मार्क जुकरबर्ग’ के नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट
पीड़िता के अनुसार, जनवरी 2025 में उनके फेसबुक अकाउंट पर Mark Zuckerberg के नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। उन्होंने इसे असली समझकर स्वीकार कर लिया।
इसके बाद उस अकाउंट से चैटिंग शुरू हुई। चैट के दौरान ठग ने खुद को Elon Musk की कंपनी से जुड़ा बताया और कहा कि वह एक इंटरनेशनल स्कूल प्रोजेक्ट शुरू कर रहे हैं, जिसमें उन्हें पार्टनर बनाया जाएगा। इतना ही नहीं, उन्हें स्कूल का प्रिंसिपल बनाने और अच्छी सैलरी देने का भी लालच दिया गया।
एक साल में 60 बार किए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन
ठगों ने स्कूल खोलने, पार्टनरशिप, इन्वेस्टमेंट, टैक्स, वेरिफिकेशन और स्टांप ड्यूटी जैसे अलग-अलग बहाने बनाकर पैसे मांगे। 25 जनवरी 2025 से 20 फरवरी 2026 के बीच पीड़िता ने करीब 60 बार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1.57 करोड़ रुपये जमा करा दिए।
इसके बाद अचानक फेसबुक चैट और अकाउंट दोनों डिलीट हो गए। चैट के दौरान एक व्यक्ति ‘मिरेकल गिवर्स’ नाम से भी संपर्क में था।
कंपनी में निवेश का दिया गया झांसा
पीड़िता ने बताया कि बाद में ठगों ने उन्हें एक कथित साइबर रिपोर्टिंग सहायता केंद्र के जरिए दिल्ली के एक वकील से बात कराई। वकील ने बताया कि उनके पैसे ‘विजडम कैपिटल’ नाम की कंपनी में निवेश किए गए हैं।
उन्हें एक ट्रेडिंग अकाउंट का यूजरनेम AllysonW-000817 भी दिया गया और 20 फरवरी 2026 को 2.23 करोड़ रुपये वापस मिलने का आश्वासन दिया गया। हालांकि तय समय पर पैसे नहीं मिले, तब जाकर पीड़िता को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस कर रही जांच
फिलहाल साइबर सेल इस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि ठगों की पहचान कर उन्हें पकड़ने की कोशिश की जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि सोशल मीडिया पर आने वाली संदिग्ध फ्रेंड रिक्वेस्ट और निवेश के प्रस्तावों से सावधान रहें।
पीड़िता एलिसन वीम्स चकेरी थाना क्षेत्र के जगईपुरवा की रहने वाली हैं। उन्होंने 27 फरवरी 2026 को National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज कराई। मामले में कार्रवाई करते हुए साइबर सेल ने करीब 30.42 लाख रुपये फ्रीज करवा दिए हैं।
मामले की पुष्टि करते हुए श्रवण करमार सिंह, डीसीपी क्राइम, कानपुर ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है।
फेसबुक पर आई ‘मार्क जुकरबर्ग’ के नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट
पीड़िता के अनुसार, जनवरी 2025 में उनके फेसबुक अकाउंट पर Mark Zuckerberg के नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। उन्होंने इसे असली समझकर स्वीकार कर लिया।
इसके बाद उस अकाउंट से चैटिंग शुरू हुई। चैट के दौरान ठग ने खुद को Elon Musk की कंपनी से जुड़ा बताया और कहा कि वह एक इंटरनेशनल स्कूल प्रोजेक्ट शुरू कर रहे हैं, जिसमें उन्हें पार्टनर बनाया जाएगा। इतना ही नहीं, उन्हें स्कूल का प्रिंसिपल बनाने और अच्छी सैलरी देने का भी लालच दिया गया।
एक साल में 60 बार किए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन
ठगों ने स्कूल खोलने, पार्टनरशिप, इन्वेस्टमेंट, टैक्स, वेरिफिकेशन और स्टांप ड्यूटी जैसे अलग-अलग बहाने बनाकर पैसे मांगे। 25 जनवरी 2025 से 20 फरवरी 2026 के बीच पीड़िता ने करीब 60 बार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1.57 करोड़ रुपये जमा करा दिए।
इसके बाद अचानक फेसबुक चैट और अकाउंट दोनों डिलीट हो गए। चैट के दौरान एक व्यक्ति ‘मिरेकल गिवर्स’ नाम से भी संपर्क में था।
कंपनी में निवेश का दिया गया झांसा
पीड़िता ने बताया कि बाद में ठगों ने उन्हें एक कथित साइबर रिपोर्टिंग सहायता केंद्र के जरिए दिल्ली के एक वकील से बात कराई। वकील ने बताया कि उनके पैसे ‘विजडम कैपिटल’ नाम की कंपनी में निवेश किए गए हैं।
उन्हें एक ट्रेडिंग अकाउंट का यूजरनेम AllysonW-000817 भी दिया गया और 20 फरवरी 2026 को 2.23 करोड़ रुपये वापस मिलने का आश्वासन दिया गया। हालांकि तय समय पर पैसे नहीं मिले, तब जाकर पीड़िता को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस कर रही जांच
फिलहाल साइबर सेल इस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि ठगों की पहचान कर उन्हें पकड़ने की कोशिश की जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि सोशल मीडिया पर आने वाली संदिग्ध फ्रेंड रिक्वेस्ट और निवेश के प्रस्तावों से सावधान रहें।
