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एक्स्ट्रा कमाई का लालच पड़ा भारी! वाराणसी में नेवी की महिला कमांडर और व्यापारी से 23 लाख की ठगी

वाराणसी में ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगों ने नेवी कमांडर और एक व्यापारी से 23 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने पहले मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता और फिर बड़ी रकम ट्रांसफर कराकर गायब हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 
ठगी
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वाराणसी: शिवपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली नेवी कमांडर स्वाति सिंह को मोबाइल पर एक मैसेज मिला, जिसमें ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के जरिए मोटी कमाई का दावा किया गया था। बेहतर रिटर्न के लालच में वह इस प्रस्ताव से जुड़ गईं। इसके बाद उन्हें एक कंपनी के नाम से जोड़ा गया, जहां खुद को सलाहकार बताने वाले लोगों ने उन्हें निवेश के लिए प्रेरित किया। उनकी बातों में आकर स्वाति सिंह ने अलग-अलग किस्तों में करीब 13 लाख रुपये बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।

जब उन्हें कोई लाभ नहीं मिला और उन्होंने अपने पैसे वापस मांगने की कोशिश की, तो उन्हें व्हाट्सएप और अन्य ग्रुप से हटा दिया गया। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस को सूचना दी।

व्यापारी से भी ठगी का वही पैटर्न

इसी तरह कोतवाली थाना क्षेत्र के विश्वेश्वर गंज निवासी प्लाइवुड व्यापारी शलभ अग्रवाल भी इसी साइबर गिरोह का शिकार बन गए। उनके नंबर को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए कमाई के दावे किए जाते थे।

शुरुआत में उन्होंने मात्र 1500 रुपये निवेश किए, जिसके बदले उन्हें करीब 4500 रुपये का मुनाफा मिला। इससे उनका भरोसा बढ़ गया और उन्होंने ग्रुप एडमिन के कहने पर तीन बार में कुल 9.81 लाख रुपये निवेश कर दिए। बाद में जब उन्होंने अपने पैसे वापस लेने की कोशिश की, तो उनसे और रकम जमा करने की मांग की गई। इनकार करने पर उन्हें ग्रुप से बाहर कर दिया गया।

ठगी का तरीका: पहले भरोसा, फिर बड़ा नुकसान

इन दोनों मामलों में साइबर ठगों ने एक ही रणनीति अपनाई। पहले छोटे निवेश पर मुनाफा दिखाकर पीड़ित का भरोसा जीता गया, फिर धीरे-धीरे बड़ी रकम निवेश कराने के बाद संपर्क तोड़ लिया गया। व्हाट्सएप ग्रुप और फर्जी कंपनियों के जरिए लोगों को फंसाना इस गिरोह का प्रमुख तरीका बन चुका है, जो तेजी से शहर में फैल रहा है।

पुलिस ने शुरू की जांच, लोगों को चेतावनी

दोनों मामलों में संबंधित थानों में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और साइबर क्राइम टीम जांच में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में लोगों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी अनजान लिंक, मैसेज या व्हाट्सएप ग्रुप पर भरोसा कर निवेश करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।