डायलिसिस के बहाने ले गए, 50 करोड़ की जमीन करा ली ट्रांसफर! उपनिबंधक समेत 10 को नोटिस जारी
वाराणसी में सेवानिवृत्त शिक्षक की 50 करोड़ की जमीन धोखे से हड़पने का मामला सामने आया है। डायलिसिस के बहाने कागजों पर हस्ताक्षर कराकर दानपत्र और बैनामा करा लिया गया। कोर्ट ने उपनिबंधक समेत 10 लोगों को नोटिस जारी कर पुलिस से रिपोर्ट तलब की है।
वाराणसी: शहर में करोड़ों की जमीन से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जिसमें सेवानिवृत्त शिक्षक की करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन धोखे से अपने नाम कराने का आरोप लगा है। इस प्रकरण में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत में गंगापुर रजिस्ट्री कार्यालय के उपनिबंधक, लिपिक समेत कुल दस लोगों के खिलाफ अर्जी दाखिल की गई है।
अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए रोहनिया थाने से आख्या तलब की है और संबंधित उपनिबंधक व लिपिक को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 11 मई को निर्धारित की गई है।
डायलिसिस के बहाने ले जाकर कराए हस्ताक्षर
मोहनसराय, रोहनिया निवासी प्रमिला मिश्रा ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके पति ओम प्रकाश मिश्रा, जो सेवानिवृत्त शिक्षक हैं, किडनी रोग से पीड़ित हैं और नियमित रूप से डायलिसिस कराते हैं।
आरोप है कि उनका भतीजा विशाल मिश्रा अन्य लोगों के साथ मिलकर ओम प्रकाश मिश्रा को डायलिसिस के बहाने घर से ले गया। देर रात लौटने पर बताया गया कि उन्हें आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए ले जाया गया था, जहां कई कागजों पर हस्ताक्षर और अंगूठा लगवा लिया गया।
दानपत्र और बैनामा एक ही दिन में कराया गया
पीड़िता के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम में गंगापुर रजिस्ट्री कार्यालय के उपनिबंधक और लिपिक की मिलीभगत से सात अप्रैल की शाम जमीन का दानपत्र तैयार कराया गया। इतना ही नहीं, उसी रात जमीन को कथित भूमाफियाओं के पक्ष में बैनामा भी कर दिया गया।
धमकी देकर दबाव बनाने का आरोप
प्रमिला मिश्रा ने यह भी आरोप लगाया है कि जब उन्होंने इस पूरे मामले का विरोध किया, तो परिवार को जान से मारने की धमकी दी जाने लगी। उन्होंने थाने से लेकर उच्च अधिकारियों तक शिकायत की, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं होने पर अंततः न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
अदालत सख्त, पुलिस से मांगी रिपोर्ट
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और आरोपित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
