यूपी कॉलेज गोलीकांड में हॉस्टल-डेलीगेट विवाद आया सामने, आरोपी मंजीत पर पहले से है FIR
वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज में दिनदहाड़े छात्र की गोली मारकर हत्या से हड़कंप मच गया। वर्चस्व की लड़ाई में हुई इस वारदात के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस ने 6 टीमें गठित कर जांच तेज कर दी है, जबकि कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
वाराणसी: उदय प्रताप कॉलेज में दिनदहाड़े हुई गोलीबारी में बीएससी छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या के बाद कैंपस में भारी तनाव व्याप्त है। घटना के बाद गुस्साए छात्रों ने आरोपी की गिरफ्तारी के साथ एनकाउंटर की मांग करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह मामला कॉलेज के हॉस्टल में रहने वाले छात्रों और बाहरी (डेलीगेट) छात्रों के बीच लंबे समय से चल रहे वर्चस्व विवाद से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि करीब तीन महीने पहले भी मृतक और आरोपी के बीच विवाद हुआ था, जो अब हिंसक रूप ले गया।
घटना के दिन सुबह करीब 10:45 बजे दोनों के बीच कहासुनी हुई। इसके बाद आरोपी मंजीत सिंह बाहर गया और कुछ देर बाद लौटकर क्लासरूम में ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चार राउंड फायरिंग हुई, जिसमें सूर्य प्रताप गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़े।
घायल छात्र को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिसर में अफरा-तफरी मच गई और छात्रों में आक्रोश फैल गया।
गुस्साए छात्रों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया, पथराव किया और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ छात्रों ने प्रिंसिपल पर भी गंभीर आरोप लगाए और उनके इस्तीफे की मांग की।
मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन छात्रों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। बाद में पुलिस कमिश्नर ने छात्रों से बातचीत कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए छह टीमों का गठन किया है। सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर कब्जे में लेकर जांच तेज कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया पर भी आक्रामक पोस्ट करता रहा है। पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि घटना पूर्व नियोजित थी या अचानक विवाद का परिणाम। फिलहाल कैंपस में पुलिस बल तैनात है और स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।
