वाराणसी में पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़, 7 लाख लूटकांड के दो आरोपी गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली
वाराणसी में 7 लाख रुपये की लूट का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया। चेतगंज और रामनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मुठभेड़ के दौरान दो बदमाश गिरफ्तार किए गए। एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरा भागते समय दबोच लिया गया। दोनों से पूछताछ जारी है।
वाराणसी: चेतगंज थाना क्षेत्र में करीब एक सप्ताह पहले हुई 7 लाख रुपये की लूट का वाराणसी पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। सोमवार तड़के चेतगंज और रामनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ में लूटकांड के दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरा आरोपी मौके से भागने की कोशिश में करीब 100 मीटर तक पीछा करने के बाद दबोच लिया गया।
रामनगर में मिली थी आरोपियों की लोकेशन
पुलिस के अनुसार, चेतगंज थाना क्षेत्र में हुई 7 लाख रुपये की लूट के बाद सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई थी। जांच के दौरान सूचना मिली कि दोनों आरोपी रामनगर क्षेत्र में मौजूद हैं। चेतगंज थाना प्रभारी बीके शुक्ला ने रामनगर थाना प्रभारी संजय मिश्रा से संपर्क कर संयुक्त टीम बनाई और भीटी इलाके में घेराबंदी की गई।
पुलिस को देखते ही बदमाशों ने की फायरिंग
एडीसीपी काशी वैभव बांगर ने बताया कि पुलिस टीम ने रामनगर बंदरगाह के पास दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया। खुद को घिरता देख दोनों आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जिससे वह मौके पर ही घायल होकर गिर पड़ा। वहीं उसका साथी मौके से भागने लगा, लेकिन पुलिस ने करीब 100 मीटर तक पीछा कर उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
दोनों आरोपियों की हुई पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकाश सेठ और आशीष मौर्य के रूप में हुई है। मुठभेड़ में घायल हुआ आरोपी आकाश सेठ है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं दूसरे आरोपी आशीष मौर्य को सुरक्षित गिरफ्तार कर लिया गया।
चेतगंज लूटकांड से जुड़ा है मामला
पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी चेतगंज क्षेत्र में हुई 7 लाख रुपये की लूट के मामले में वांछित थे। गिरफ्तारी के बाद अब दोनों से लूट की पूरी वारदात, गिरोह के अन्य सदस्यों और लूट की रकम के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही पुलिस
एडीसीपी वैभव बांगर ने बताया कि दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि दोनों किसी संगठित लूट गिरोह से जुड़े हैं या नहीं। पूछताछ के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी और यदि गिरोह के अन्य सदस्य सामने आते हैं तो उनकी गिरफ्तारी के लिए भी अभियान चलाया जाएगा।
