वाराणसी: निवेश के नाम पर 57.50 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार
Apr 6, 2026, 10:34 IST
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वाराणसी: निवेश के नाम पर लाखों रुपये हड़पने वाले वांछित आरोपी सुरेंद्र जायसवाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले से ही ठगी का मुकदमा दर्ज था और उसकी तलाश की जा रही थी।
कंपनी के नाम पर 57.50 लाख रुपये की ठगी
मामले में पीड़ित संतोष जायसवाल ने बीते साल 20 मार्च को सारनाथ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोपी ने ‘कनक प्रौति निधि लिमिटेड’ नामक कंपनी के जरिए निवेश का झांसा देकर आरटीजीएस के माध्यम से 57 लाख 50 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने धमकी देना शुरू कर दिया।
कुछ रकम लौटाई, बाकी हड़प ली
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने कंपनी खाते में करीब 23 लाख रुपये और पीड़ित के भाई से अपने निजी खाते में चार लाख रुपये लिए थे। उसने करीब 9.30 लाख रुपये वापस किए, जबकि बाकी रकम नकद और चेक के जरिए ली गई थी, जिसे वह वापस नहीं कर सका।
कंपनी में घाटा, कर्ज से बचने के लिए फरार
आरोपी के अनुसार, उसकी कंपनी घाटे में चली गई थी और उस पर भारी कर्ज हो गया था। कर्ज से बचने के लिए उसने अपने जलालीपट्टी स्थित दोनों मकान बेच दिए और वाराणसी छोड़कर फरार हो गया। वह अलग-अलग स्थानों पर किराए के कमरों में रहकर लगातार ठिकाना बदलता रहा।
थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है और मामले की जांच जारी है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित पीड़ितों की भी जांच कर रही है।
कंपनी के नाम पर 57.50 लाख रुपये की ठगी
मामले में पीड़ित संतोष जायसवाल ने बीते साल 20 मार्च को सारनाथ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोपी ने ‘कनक प्रौति निधि लिमिटेड’ नामक कंपनी के जरिए निवेश का झांसा देकर आरटीजीएस के माध्यम से 57 लाख 50 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने धमकी देना शुरू कर दिया।
कुछ रकम लौटाई, बाकी हड़प ली
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने कंपनी खाते में करीब 23 लाख रुपये और पीड़ित के भाई से अपने निजी खाते में चार लाख रुपये लिए थे। उसने करीब 9.30 लाख रुपये वापस किए, जबकि बाकी रकम नकद और चेक के जरिए ली गई थी, जिसे वह वापस नहीं कर सका।
कंपनी में घाटा, कर्ज से बचने के लिए फरार
आरोपी के अनुसार, उसकी कंपनी घाटे में चली गई थी और उस पर भारी कर्ज हो गया था। कर्ज से बचने के लिए उसने अपने जलालीपट्टी स्थित दोनों मकान बेच दिए और वाराणसी छोड़कर फरार हो गया। वह अलग-अलग स्थानों पर किराए के कमरों में रहकर लगातार ठिकाना बदलता रहा।
थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है और मामले की जांच जारी है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित पीड़ितों की भी जांच कर रही है।
