Varanasi : शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का दिया भरोसा, ऐप डाउनलोड करा कर ठग लिए 23.95 लाख
Oct 26, 2025, 09:35 IST
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Varanasi : साइबर ठगों ने एक बार फिर ऑनलाइन निवेश (Online Investment) के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा कर डाला। सिगरा क्षेत्र के शिवपुरवां महमूरगंज निवासी मान्धाता चौबे को ठगों ने शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा दिलाने का लालच देकर करीब 23 लाख 95 हजार रुपये की चपत लगा दी। पीड़ित ने जब अपने पैसे वापस मांगने की कोशिश की, तो ठगों ने उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप से ही बाहर कर दिया।
इस तरह किया फर्जीवाड़ा
मान्धाता चौबे ने बताया कि अगस्त महीने में उनके मोबाइल पर एक व्हाट्सएप मैसेज आया, जिसमें उन्हें एक इन्वेस्टमेंट ग्रुप से जोड़ा गया। ग्रुप में शामिल लोगों ने खुद को शेयर मार्केट एक्सपर्ट बताया और निवेश से मोटे मुनाफे का भरोसा दिलाया। कुछ ही दिनों बाद ठगों ने उन्हें NHI नाम का एक ऐप डाउनलोड करने को कहा और वहीं से पैसे निवेश करने की सलाह दी।
पीड़ित ने उनकी बातों में आकर ऐप के माध्यम से करीब 23 लाख 95 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। शुरू में ऐप पर मुनाफे की रकम दिखती रही, लेकिन जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की, तो सिस्टम ने “फंड फ्रीज” दिखाया और कुछ ही देर बाद उन्हें ग्रुप से निकाल दिया गया।
कब हुआ ठगी का एहसास
राशि वापस न मिलने और ऐप से अकाउंट फ्रीज होने के बाद मान्धाता चौबे को समझ में आया कि वे साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। उन्होंने तुरंत 18 सितंबर को साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई (एकनॉलेजमेंट नंबर – 23109250144196) और साथ ही साइबर थाना वाराणसी में भी तहरीर दी।
जांच में जुटी पुलिस
पीड़ित के अनुसार, थाने में शुरु में केस दर्ज नहीं किया गया, लेकिन अब पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। ठगों के मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के निवेश वाले व्हाट्सएप ग्रुप या ऐप पर भरोसा न करें, क्योंकि अधिकांश ऐसे ग्रुप विदेशी सर्वर से संचालित होते हैं, जो कुछ समय बाद गायब हो जाते हैं।
लगातार बढ़ रहे हैं साइबर फ्रॉड के मामले
वाराणसी में पिछले कुछ महीनों से निवेश और ट्रेडिंग एप्स के जरिए ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या एप पर पैसे ट्रांसफर करने से पहले उसकी वैधता जरूर जांच लें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।
इस तरह किया फर्जीवाड़ा
मान्धाता चौबे ने बताया कि अगस्त महीने में उनके मोबाइल पर एक व्हाट्सएप मैसेज आया, जिसमें उन्हें एक इन्वेस्टमेंट ग्रुप से जोड़ा गया। ग्रुप में शामिल लोगों ने खुद को शेयर मार्केट एक्सपर्ट बताया और निवेश से मोटे मुनाफे का भरोसा दिलाया। कुछ ही दिनों बाद ठगों ने उन्हें NHI नाम का एक ऐप डाउनलोड करने को कहा और वहीं से पैसे निवेश करने की सलाह दी।
पीड़ित ने उनकी बातों में आकर ऐप के माध्यम से करीब 23 लाख 95 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। शुरू में ऐप पर मुनाफे की रकम दिखती रही, लेकिन जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की, तो सिस्टम ने “फंड फ्रीज” दिखाया और कुछ ही देर बाद उन्हें ग्रुप से निकाल दिया गया।
कब हुआ ठगी का एहसास
राशि वापस न मिलने और ऐप से अकाउंट फ्रीज होने के बाद मान्धाता चौबे को समझ में आया कि वे साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। उन्होंने तुरंत 18 सितंबर को साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई (एकनॉलेजमेंट नंबर – 23109250144196) और साथ ही साइबर थाना वाराणसी में भी तहरीर दी।
जांच में जुटी पुलिस
पीड़ित के अनुसार, थाने में शुरु में केस दर्ज नहीं किया गया, लेकिन अब पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। ठगों के मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के निवेश वाले व्हाट्सएप ग्रुप या ऐप पर भरोसा न करें, क्योंकि अधिकांश ऐसे ग्रुप विदेशी सर्वर से संचालित होते हैं, जो कुछ समय बाद गायब हो जाते हैं।
लगातार बढ़ रहे हैं साइबर फ्रॉड के मामले
वाराणसी में पिछले कुछ महीनों से निवेश और ट्रेडिंग एप्स के जरिए ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या एप पर पैसे ट्रांसफर करने से पहले उसकी वैधता जरूर जांच लें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।
