बड़ागांव हत्याकांड में 3 आरोपी गिरफ्तार, 5 अब भी फरार, बदमाशों ने बताया क्यों समीर को मारी थो गोली
वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र में हुए समीर सिंह हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पेशाब के विवाद में गोली चलने से हुई हत्या के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, जबकि पांच फरार हैं।
वाराणसी: थाना बड़ागांव क्षेत्र के दयालपुर गांव में 25 दिसंबर 2025 की शाम हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने सफल अनावरण कर लिया है। इस मामले में गोली लगने से मृत बालक समीर सिंह की हत्या के आरोप में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पांच अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
घटना के दिन दयालपुर गांव के पास झगड़े के दौरान रामू यादव को गोली मारी गई थी। हमलावरों के भागते समय एक अन्य बालक समीर सिंह को भी गोली लग गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। रामू यादव उपचार के बाद स्वस्थ हो चुका है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त के निर्देश पर डीसीपी गोमती जोन आकाश पटेल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। जांच बेहद चुनौतीपूर्ण रही क्योंकि मृतक और घायल का आपस में कोई संबंध नहीं था और घटनास्थल के आसपास अधिकांश सीसीटीवी कैमरे खराब थे।
करीब 100 कैमरों की जांच, 100 से अधिक लोगों से पूछताछ और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के बाद एक निजी कैमरे की ऑडियो रिकॉर्डिंग से अहम सुराग मिला। इसी के आधार पर पुलिस ने करन प्रजापति, प्रेमशंकर पटेल और शुभम मौर्य उर्फ लालू मौर्य को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि शराब पीने के बाद लौटते समय पेशाब को लेकर हुए विवाद में मारपीट शुरू हुई थी। गांव के लोग जुटने लगे तो भागने के इरादे से गोली चलाई गई। इसी दौरान मोटरसाइकिल छीनने के लिए एक युवक को गोली मार दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
इस मामले में संदीप यादव, दीपक यादव, मनीष यादव, पवन पाल और आकाश पाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। डीसीपी गोमती जोन ने घटना का सफल खुलासा करने वाली पुलिस टीम को ₹25,000 का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
