दोस्त ही निकला कातिल: शराब पार्टी के बाद वरुणा नदी में धक्का देकर सफाईकर्मी की हत्या, आरोपी गिरफ्तार
वाराणसी के जैतपुरा क्षेत्र में नगर निगम के सफाईकर्मी धीरज सरोज की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने उसके दोस्त मोनू उर्फ आनंद श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि शराब पीने के दौरान विवाद के बाद आरोपी ने धीरज को वरुणा नदी में धक्का दे दिया था।
वाराणसी: जैतपुरा थाना क्षेत्र में नगर निगम के एक निजी कंपनी में कार्यरत सफाईकर्मी धीरज सरोज की मौत के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि धीरज की मौत हादसा नहीं, बल्कि हत्या थी। पुलिस ने इस मामले में उसके पड़ोसी और दोस्त मोनू उर्फ आनंद श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
शराब पीने के बहाने साथ ले गया था
पुलिस के अनुसार, नक्खीघाट निवासी 30 वर्षीय धीरज सरोज को 2 जुलाई की शाम मोनू शराब पिलाने के बहाने अपने साथ लेकर गया था। अगले दिन 3 जुलाई को धीरज का शव वरुणा नदी में मिला। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध लगा, जिसके बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
CCTV फुटेज से खुला पूरा राज
सीसीटीवी फुटेज में धीरज और मोनू एक साथ शराब के ठेके पर दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने मोनू से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि शराब पीने के दौरान दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद गुस्से में उसने धीरज को वरुणा नदी में धक्का दे दिया। दलदल में फंसने से धीरज की मौत हो गई। पूछताछ में आरोपी ने यह भी बताया कि घटना के बाद वह कुछ देर तक पुल पर खड़ा रहा और फिर दोबारा शराब पीकर घर लौट गया।
पत्नी के शक से पुलिस को मिला सुराग
धीरज की पत्नी ने पुलिस को दी गई तहरीर में मोनू पर अपने पति को साथ ले जाने का आरोप लगाया था। उन्होंने बताया कि जब धीरज घर नहीं लौटा तो उन्होंने मोनू की मां से उसका मोबाइल नंबर लेकर संपर्क किया। उस समय मोनू ने कहा था कि धीरज उसके साथ नहीं है। इसी बयान के बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की।
पुराने विवाद ने ली जान
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मोनू का शराब के नशे में अक्सर धीरज के घर आना-जाना होता था, जिसे लेकर दोनों के बीच पहले से नाराजगी चल रही थी। घटना वाले दिन भी शराब पीने के दौरान विवाद बढ़ गया और गुस्से में आरोपी ने धीरज को नदी में धक्का दे दिया। थानाध्यक्ष उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
