1 परसेंट कमीशन के लालच में कारोबारी बना साइबर ठगों का साथी! 16 राज्यों की 1.88 करोड़ की ठगी का खुलासा
वाराणसी: सिर्फ एक परसेंट कमीशन कमाने के लालच में वाराणसी के एक कारोबारी ने अपना चालू बैंक खाता साइबर ठगों को इस्तेमाल करने के लिए दे दिया। यही फैसला अब उसके लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। जांच में सामने आया कि उसके खाते के जरिए देश के 16 राज्यों में हुई साइबर ठगी के करीब 1.88 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया। मामले का खुलासा होने के बाद चौक पुलिस ने कारोबारी समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
लखनऊ साइबर मुख्यालय के इनपुट से खुला बड़ा खेल
मामले का खुलासा लखनऊ स्थित साइबर मुख्यालय से मिले हाई प्रायोरिटी 'येलो-16 म्यूल अकाउंट' इनपुट के बाद हुआ। सूचना के आधार पर वाराणसी साइबर सेल ने जांच शुरू की तो एक निजी बैंक का खाता संदिग्ध मिला। यह खाता चौक थाना क्षेत्र के सुड़िया (बुलानाला) निवासी विपुल कुमार अग्रवाल की फर्म एसएम एंटरप्राइजेज के नाम पर संचालित था। यह फर्म कपड़ों के लिए डमी तैयार करने का काम करती है।
जांच के दौरान साइबर सेल की टीम लक्सा थाना क्षेत्र स्थित सूरजकुंड में कारोबारी के प्रतिष्ठान पहुंची और पूछताछ की। पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए।
मोबाइल पर हुई पहचान, फिर सौंप दी बैंकिंग की पूरी जानकारी
पूछताछ में विपुल कुमार अग्रवाल ने बताया कि अक्टूबर 2025 में उसकी पहचान मोबाइल के जरिए ईशान ठाकुर से हुई थी। बाद में वह ब्रजेश, राजवीर और रोहित ठाकुर के संपर्क में आया। आरोपियों ने खुद को एक ट्रेडिंग कंपनी का संचालक बताते हुए उसके बैंक खाते का इस्तेमाल करने के बदले एक प्रतिशत कमीशन देने का प्रस्ताव रखा।
लालच में आकर कारोबारी ने न सिर्फ अपने बैंक खाते की जानकारी दी, बल्कि इंटरनेट बैंकिंग की यूजर आईडी और पासवर्ड भी आरोपियों को सौंप दिए। इसके बाद साइबर ठग उसी खाते के जरिए करोड़ों रुपये का लेनदेन करते रहे।
चार महीने में खाते से गुजरे 1.88 करोड़ रुपये
बैंक स्टेटमेंट की जांच में सामने आया कि 5 जनवरी से 8 मई 2026 के बीच इस खाते में करीब 1.88 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर जांच करने पर पता चला कि इस खाते के खिलाफ देश के 16 राज्यों में साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि 15 मामलों में पीड़ितों से ठगी गई रकम सबसे पहले इसी खाते में ट्रांसफर कराई गई, जिसके बाद उसे अलग-अलग खातों में भेज दिया गया। इसी वजह से विभिन्न राज्यों की पुलिस पहले भी कारोबारी को नोटिस भेज चुकी थी।
कारोबारी समेत पांच लोगों पर दर्ज हुई FIR
चौक थाना पुलिस ने इस मामले में विपुल कुमार अग्रवाल, ईशान ठाकुर, ब्रजेश, राजवीर और रोहित ठाकुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि कारोबारी ने जानबूझकर अपना बैंक खाता और इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराई, इसलिए वह भी इस आपराधिक साजिश का हिस्सा माना जाएगा।
गिरोह के नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस पूरे साइबर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि ठगी की रकम किन-किन खातों में भेजी गई और इसका अंतिम लाभ किसे मिला। साइबर सेल बैंकिंग ट्रेल और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।
