वाराणसी: इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर 12.5 लाख की साइबर ठगी, गैंग का सरगना समेत 5 शातिर दिल्ली से गिरफ्तार
Varanasi : साइबर क्राइम पुलिस ने इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सरगना समेत पांच शातिर साइबर अपराधियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त छह मोबाइल फोन, 65 हजार रुपये नकद और एक चार पहिया वाहन बरामद किया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके आपराधिक नेटवर्क की जांच में जुटी है।
प्रीमियम और बोनस का झांसा देकर ठगे 12.5 लाख रुपये
पुलिस के अनुसार, 11 मई 2026 को वाराणसी निवासी एक व्यक्ति ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि खुद को रिलायंस निप्पॉन लाइफ इंश्योरेंस का कर्मचारी और अधिकारी बताने वाले साइबर अपराधियों ने पॉलिसी का प्रीमियम जमा कराने, अपडेट करने और अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर उनसे 12.5 लाख रुपये की ठगी कर ली।
शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम में बीएनएस की धारा 318(4) तथा आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
दिल्ली-एनसीआर में छापेमारी, पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देश पर डीसीपी अपराध नीतू कादयान, एडीसीपी अपराध नृपेन्द्र और एसीपी साइबर विदुष सक्सेना के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में छापेमारी कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिव कुमार गौतम (28), अमन कुमार (20), विष्णु कुमार (21), राहुल कुमार (25) और आलोक सिंह (31) के रूप में हुई है। सभी आरोपी दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी हैं।

डेटा लीक कर बनते थे इंश्योरेंस अधिकारी
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पहले इंश्योरेंस पॉलिसी धारकों का डेटा हासिल करते थे। इसके बाद खुद को रिलायंस निप्पॉन लाइफ इंश्योरेंस का अधिकारी या कर्मचारी बताकर पॉलिसी अपडेट करने, बोनस दिलाने और अधिक रिटर्न का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।
ठगी की रकम अलग-अलग फर्जी बैंक खातों (म्यूल अकाउंट) में ट्रांसफर कराई जाती थी और फिर कई खातों में घुमाकर नकद निकाल ली जाती थी।
बरामद हुआ नकदी, मोबाइल और वाहन
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने एक आईफोन, पांच एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 65 हजार रुपये नकद और एक फ्रॉन्क्स कार बरामद की है। पुलिस ने बरामद मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जांच के लिए कब्जे में लिया है।
अन्य राज्यों में भी हो सकती है संलिप्तता
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ वाराणसी साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज है। साथ ही इनके आपराधिक इतिहास और अन्य राज्यों में दर्ज साइबर ठगी के मामलों से संभावित संबंधों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में इस गिरोह से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
