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बांग्लादेश से फेक करेंसी मंगाकर भारत में खपा रहा था जाकिर, वाराणसी पुलिस और ATS ने बंगाल से दबोचा

वाराणसी पुलिस और एटीएस ने बांग्लादेश से नकली भारतीय नोट और मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी जाकिर को पश्चिम बंगाल के मालदा से गिरफ्तार किया। पूछताछ में सीमा पार तस्करी और फर्जी नोटों के नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे हुए।

 
वाराणसी क्राइम न्यूज
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वाराणसी: भारत-बांग्लादेश सीमा के रास्ते नकली भारतीय मुद्रा और मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क के खिलाफ वाराणसी पुलिस और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) को बड़ी सफलता मिली है। करीब दो वर्षों से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी जाकिर को सारनाथ पुलिस और एटीएस की संयुक्त टीम ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लंबे समय से सारनाथ थाने में दर्ज मुकदमे में वांछित था।

मालदा से दबोचा गया इनामी आरोपी

पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात एटीएस और सारनाथ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पश्चिम बंगाल के देवनापुर, मालदा से जाकिर को गिरफ्तार किया गया। शनिवार को उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

सारनाथ थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी पश्चिम बंगाल के मालदा जिले का रहने वाला है और लंबे समय से नकली नोटों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क का सक्रिय सदस्य था।

दो साल पुराना मामला, एक साल से था 25 हजार का इनाम

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सारनाथ थाने में दर्ज मुकदमे में जाकिर वर्ष 2024 से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी नहीं होने पर उसके खिलाफ एक वर्ष पहले 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। लगातार निगरानी और तकनीकी सर्विलांस के बाद पुलिस को उसकी लोकेशन मिली और टीम ने उसे धर दबोचा।

बांग्लादेश से मंगवाए थे नकली नोट

पूछताछ में जाकिर ने कई अहम खुलासे किए हैं। उसने बताया कि उसका संपर्क बांग्लादेशी तस्कर रफीकुल उर्फ रकीकुल से था, जो अवैध रूप से भारत-बांग्लादेश सीमा पार कर दोनों देशों के बीच आवाजाही करता था।

जाकिर ने कबूल किया कि रफीकुल के कहने पर उसने दो लाख रुपये की जाली भारतीय मुद्रा मंगवाई थी। इसके बदले उसने सीमा पर जाकर एक लाख रुपये की असली भारतीय मुद्रा रफीकुल को सौंपी थी।

पहले पकड़े गए तस्करों से जुड़ा मिला नेटवर्क

जांच में सामने आया कि जाकिर द्वारा मंगवाए गए नकली नोटों का एक हिस्सा उसने बिहार के उन तस्करों को दिया था, जिन्हें पहले वाराणसी में गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में पुलिस पहले ही मोहम्मद सुलेमान अंसारी और इदरीश को गिरफ्तार कर चुकी है। उनके कब्जे से 1.97 लाख रुपये की जाली भारतीय मुद्रा, मोबाइल फोन और फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए थे। उन्हीं आरोपियों से पूछताछ के दौरान जाकिर का नाम सामने आया था।

नकली नोट और मादक पदार्थों की तस्करी की जांच तेज

एटीएस अधिकारियों का मानना है कि यह गिरोह केवल नकली भारतीय मुद्रा ही नहीं, बल्कि सीमा पार से मादक पदार्थों की तस्करी में भी सक्रिय था। अब जाकिर से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों, फंडिंग और सीमा पार संचालित पूरे सिंडिकेट की जांच तेज कर दी गई है।