वाराणसी: लाखों के जुए के फड़ का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार; मिलीभगत के आरोप में चौकी इंचार्ज, दरोगा और सिपाही सस्पेंड
वाराणसी के कैंट क्षेत्र में लंबे समय से संचालित हो रहे अवैध जुए के फड़ पर मंगलवार रात पुलिस ने छापेमारी कर चार लोगों को गिरफ्तार किया। मौके से ₹21 हजार नकद, नोट गिनने की तीन मशीनें और ताश की 10 नई गड्डियां बरामद की गईं। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही बड़े दांव लगाने वाले कई लोग मौके से फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल को कैंट के मिंट हाउस तिराहे के पास बड़े पैमाने पर अवैध जुआ संचालित होने की सूचना मिली थी। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में टीम गठित कर तत्काल कार्रवाई कराई गई। छापेमारी के दौरान जुआरियों में भगदड़ मच गई और चार आरोपियों को मौके से पकड़ लिया गया।
लापरवाही पर तीन पुलिसकर्मी निलंबित
मामले की जांच में सामने आया कि संबंधित स्थान पर काफी समय से अवैध जुआ चल रहा था, लेकिन स्थानीय पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। शिकायतें मिलने के बावजूद उच्च अधिकारियों को भी इसकी जानकारी नहीं दी गई। प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर चौकी प्रभारी नदेसर उपनिरीक्षक सुमित पांडेय, हल्का प्रभारी उपनिरीक्षक लल्लन यादव और मुख्य आरक्षी शनि विश्वकर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
कैंट थाना प्रभारी की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस आयुक्त ने कैंट थाना प्रभारी की भूमिका की भी अलग से जांच के आदेश दिए हैं। विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और जांच में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जुए का खेल लंबे समय से चलने के संकेत
छापेमारी में बरामद नोट गिनने की तीन मशीनों से यह संकेत मिलता है कि यहां बड़े स्तर पर जुए का कारोबार चल रहा था। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
जीरो टॉलरेंस की बात दोहराई
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि कमिश्नरेट वाराणसी में जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी पुलिसकर्मी की लापरवाही, संरक्षण या मिलीभगत सामने आती है तो उसके खिलाफ कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
