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वाराणसी : जमीन बिक्री के पैसों को लेकर हुई जनरल स्टोर संचालक की हत्या! भाड़े के शूटरों ने दिया था वारदात को अंजाम

वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र में जनरल स्टोर संचालक जितेंद्र पटेल की हत्या जमीन बिक्री से मिली बड़ी रकम के विवाद में कराई गई। पुलिस जांच में भाड़े के शूटरों और साजिशकर्ताओं की भूमिका सामने आई है। 900 CCTV कैमरों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों के बेहद करीब पहुंच चुकी है।
 
जनरल स्टोर संचालक
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वाराणसी: रोहनिया थाना क्षेत्र के अवलेशपुर स्थित सौरभ विहार कॉलोनी में जनरल स्टोर संचालक जितेंद्र पटेल की हत्या के मामले में पुलिस जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हाल ही में हुई जमीन बिक्री से मिली बड़ी रकम के बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद ने इस हत्याकांड को जन्म दिया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार जमीन बिक्री से प्राप्त रकम जितेंद्र पटेल के बैंक खाते में थी। इसी रकम को लेकर उनके कुछ करीबी लोगों के साथ मतभेद चल रहे थे। जांच में यह भी पता चला है कि उन्हें पैसों के संबंध में कई बार चेतावनी दी गई थी।

पत्नी के मायके जाने का उठाया गया फायदा

पुलिस जांच में एक अहम तथ्य सामने आया है कि साजिशकर्ताओं को यह पूरी जानकारी थी कि वारदात के समय जितेंद्र की पत्नी अपने मायके गई हुई हैं। इसी वजह से हत्या के लिए उसी समय को चुना गया।

सूत्रों के अनुसार करीब 20 दिन पहले ही भाड़े के शूटरों को तय कर लिया गया था। हत्या वाली रात शूटरों को जितेंद्र की गतिविधियों की सटीक जानकारी दी गई, जिसके बाद उन्होंने वारदात को अंजाम दिया।


एसओजी और रोहनिया पुलिस की संयुक्त जांच में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन पड़ताल की गई। इन जांचों के आधार पर कुछ संदिग्धों की भूमिका स्पष्ट होती जा रही है।

पुलिस का दावा है कि तकनीकी साक्ष्यों ने साजिशकर्ताओं और शूटरों के बीच संबंधों की पुष्टि की है। जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।

900 CCTV कैमरों ने खोला भागने का रास्ता

हत्या के बाद दोनों शूटर बाइक से अखरी बाईपास की ओर भागे। वहां से वे डाफी टोल प्लाजा पहुंचे और फिर लंका क्षेत्र की तरफ बढ़े। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी बीएचयू परिसर के आसपास भी घूमते रहे और बाद में शहर से निकलकर बिहार की ओर फरार हो गए।

पुलिस ने उनके भागने के पूरे रूट को ट्रैक करने के लिए करीब 900 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली है। इन फुटेज के आधार पर शूटरों की पहचान भी हो चुकी है।

कई दिनों से कर रहे थे रेकी

जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात से पहले शूटर लगभग एक सप्ताह तक जितेंद्र पटेल की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। वे उनकी दुकान, घर और आने-जाने के समय की लगातार जानकारी जुटा रहे थे।

सोमवार रात मौका मिलते ही शूटरों ने घर से करीब 500 मीटर दूर सौरभ विहार कॉलोनी में उन्हें गोली मार दी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

गिरफ्तारी की तैयारी में पुलिस

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शूटरों और साजिशकर्ताओं की पहचान लगभग स्पष्ट हो चुकी है। कई टीमों को संभावित ठिकानों पर लगाया गया है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जा सकता है।