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बीमा के नाम पर 10 लाख और जमीन दिलाने के नाम पर शिक्षिका से 51.5 लाख की ठगी

वाराणसी में बीमा पॉलिसी के नाम पर 10.52 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। चेतगंज पुलिस ने दो एजेंटों पर केस दर्ज किया है। वहीं लंका में शिक्षिका से जमीन दिलाने के नाम पर 51.5 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। दोनों मामलों की जांच जारी है।

 
वाराणसी
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वाराणसी: शहर में अलग-अलग मामलों में लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। चेतगंज में बीमा पॉलिसी के नाम पर 10.52 लाख रुपये लेने और पॉलिसी में कथित फर्जीवाड़े का आरोप लगा है, जबकि लंका में जमीन दिलाने के नाम पर शिक्षिका से 51.5 लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत की गई है। दोनों मामलों में संबंधित थानों की पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बीमा पॉलिसी के नाम पर 10.52 लाख रुपये लिए, बेटे के नाम जारी कर दी पॉलिसी

चेतगंज थाना क्षेत्र निवासी रूपेश जायसवाल ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि एक्सिस मैक्स लाइफ बीमा के एजेंट आशुतोष राय और प्रमोद शर्मा ने बेहतर भविष्य का भरोसा दिलाकर उन्हें पॉलिसी लेने के लिए तैयार किया। इसके बाद उन्होंने 27 जून 2024 को 5,32,024 रुपये का एचडीएफसी बैंक का चेक दिया।

इसके बाद 30 जून 2025 को दूसरी किस्त के रूप में 5,20,774 रुपये का भुगतान किया। दोनों भुगतानों को मिलाकर उन्होंने कुल 10,52,798 रुपये दिए।

चार महीने बाद कस्टमर केयर से हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा

रूपेश के मुताबिक एजेंटों ने उनकी जानकारी के बिना पॉलिसी उनके 18 वर्षीय बेटे अपूर्व जायसवाल के नाम से जारी करा दी। आरोप है कि पॉलिसी बॉन्ड भी उनके घर भेजने के बजाय एजेंटों ने अपने पते पर मंगवाया।

करीब चार महीने बाद कस्टमर केयर से जानकारी लेने पर उन्हें पता चला कि पॉलिसी उनके नाम पर नहीं, बल्कि उनके बेटे के नाम से पंजीकृत है। इसके बाद उन्होंने दोनों एजेंटों से संपर्क किया। आरोप है कि एजेंटों ने इसे फेक कॉल बताते हुए उन्हें गुमराह करने की कोशिश की।

बैंक-बीमा शाखा में पहुंचने पर सामने आई दूसरी जानकारी

संदेह होने पर रूपेश ने कुबेर कॉम्प्लेक्स स्थित बैंक और बीमा शाखा में जाकर जानकारी की। वहां उन्हें पता चला कि प्रमोद शर्मा और आशुतोष राय वहां के कर्मचारी नहीं थे। पीड़ित के अनुसार, दोनों विनायक प्लाजा स्थित कार्यालय से जुड़े थे।

रूपेश ने आरोप लगाया कि फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद दोनों ने उन्हें डराया-धमकाया और मामले में चुप रहने का दबाव बनाया। चेतगंज इंस्पेक्टर विजय कुमार शुक्ला ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।

जमीन दिलाने के नाम पर शिक्षिका से 51.5 लाख की ठगी

दूसरा मामला लंका थाना क्षेत्र का है, जहां जमीन दिलाने के नाम पर एक शिक्षिका से 51.5 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। मिर्जापुर निवासी और बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत निकेता सिंह की शिकायत पर लंका पुलिस ने पंकज कुमार यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

बीएचयू के बाबा विश्वनाथ मंदिर में हुई थी मुलाकात

निकेता सिंह ने पुलिस को बताया कि उनकी मुलाकात बीएचयू के बाबा विश्वनाथ मंदिर में पंकज कुमार यादव से हुई थी। बातचीत के दौरान पंकज ने उन्हें अच्छी जमीन दिलाने का भरोसा दिया। आरोप है कि भरोसे में आने के बाद निकेता ने बैंक से लोन लिया और मई 2024 में कुल 51.5 लाख रुपये ऑनलाइन पंकज के व्यक्तिगत बैंक खाते और उसकी फर्म 'श्रीपत एंड कंस्ट्रक्शन' के खाते में भेज दिए।

अक्टूबर 2025 तक EMI भरी, फिर बंद कर दिया भुगतान

पीड़िता के मुताबिक पंकज ने भरोसा दिया था कि जमीन मिलने तक वह बैंक की ईएमआई भरता रहेगा। आरोपी ने अक्टूबर 2025 तक ईएमआई का भुगतान किया, लेकिन इसके बाद किस्तें देना बंद कर दिया। जब निकेता ने अपने रुपये वापस करने या जमीन दिलाने के लिए कहा तो आरोप है कि पंकज कुमार यादव अपने वादे से मुकर गया।

47.5 लाख मूल बकाया, ऊपर से बढ़ता गया आर्थिक बोझ

पीड़िता के अनुसार वर्तमान में 47.5 लाख रुपये मूल बकाया है। इसके अलावा ईएमआई बाउंस चार्ज और लेट फीस के कारण उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ता जा रहा है। लंका इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।

दोनों मामलों में पुलिस ने शुरू की जांच

वाराणसी में सामने आए इन दोनों मामलों में पीड़ितों ने भरोसे में लेकर बड़ी रकम हासिल करने और बाद में वादे से मुकरने का आरोप लगाया है। चेतगंज पुलिस बीमा पॉलिसी से जुड़े दस्तावेजों और एजेंटों की भूमिका की जांच कर रही है, जबकि लंका पुलिस जमीन के सौदे, बैंक लेनदेन और आरोपी से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रही है।