वाराणसी: तिरपाल के नीचे छिपाकर ले जा रहे थे 16 गोवंश, डाफी टोल प्लाजा पर पुलिस ने पकड़ा तस्कर गैंग
वाराणसी: लंका पुलिस ने सोमवार सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) स्थित डाफी टोल प्लाजा के पास बड़ी कार्रवाई करते हुए गोतस्करी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस ने घेराबंदी कर एक संदिग्ध डीसीएम ट्रक को पकड़ा, जिसकी तलाशी में 16 गोवंश बरामद हुए। मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि तस्करी में इस्तेमाल वाहन को भी कब्जे में ले लिया गया।
मुखबिर की सूचना पर हुई घेराबंदी
एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिलने के बाद प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा और रमना चौकी प्रभारी पवन पांडेय अपनी टीम के साथ डाफी टोल प्लाजा पर पहुंच गए। संदिग्ध डीसीएम ट्रक को रोककर तलाशी ली गई तो उसके भीतर 16 गोवंश ठूंस-ठूंसकर भरे मिले। इसके बाद वाहन में सवार पांच तस्करों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
बिहार और छत्तीसगढ़ के रास्ते पश्चिम बंगाल भेजे जाते थे गोवंश
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि वे उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से गोवंश खरीदकर या इकट्ठा कर बिहार और छत्तीसगढ़ ले जाते थे। वहां से इन्हें आगे पश्चिम बंगाल भेजा जाता था, जहां वध के लिए सप्लाई किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
तिरपाल से ढककर करते थे तस्करी, अलग से मिलता था लोकेशन सपोर्ट
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि गोवंश को डीसीएम ट्रक में भरने के बाद ऊपर से तिरपाल डाल दिया जाता था, ताकि रास्ते में किसी को संदेह न हो। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि छत्तीसगढ़ निवासी हेमंत भैया उन्हें लगातार लोकेशन उपलब्ध कराता था, जिससे पुलिस की चेकिंग से बचने में मदद मिल सके।
लंका पुलिस ने जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें शिवेंद्र सिंह (सीधी, मध्य प्रदेश), अभिषेक तिवारी (कोरबा, छत्तीसगढ़), छोटू सिंह (सीधी, मध्य प्रदेश), आशू खरवार (प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश) समेत एक अन्य आरोपी शामिल है। सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
गिरोह के पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं तथा अब तक कितनी बार इस तरीके से गोवंश की तस्करी की जा चुकी है। साथ ही फरार सहयोगियों की तलाश भी तेज कर दी गई है।
