शादी का झांसा देकर शोषण के दो मामलों में पुलिस का एक्शन, एक पर 25 हजार का इनाम, दूसरा गिरफ्तार
वाराणसी: शादी का झांसा देकर महिलाओं के कथित शारीरिक शोषण के दो अलग-अलग मामलों में वाराणसी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सारनाथ थाना क्षेत्र में दर्ज मामले में फरार आरोपी अविनाश सेठ पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। वहीं, चितईपुर थाना क्षेत्र में इसी तरह के एक अन्य मामले में आरोपी किशन पटेल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
चार साल तक शादी का भरोसा, अब आरोपी पर 25 हजार का इनाम
सारनाथ पुलिस के अनुसार, नेपाल मूल की एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई है कि वर्ष 2022 में उसकी मुलाकात तेलियाबाग निवासी अविनाश सेठ से हुई थी। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने स्वयं को अविवाहित बताते हुए उससे शादी का वादा किया और उसकी मांग में सिंदूर भी भरा।
शिकायत के मुताबिक, शादी का विश्वास दिलाकर आरोपी ने करीब चार वर्षों तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। बाद में जब पीड़िता को संदेह हुआ तो 28 मई को वह पहाड़िया स्थित फ्लैट पहुंची, जहां उसने आरोपी को एक अन्य युवती के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखने का दावा किया। पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपी और उसके साथ मौजूद शालिनी गुप्ता ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया।
गिरफ्तारी के लिए पुलिस की लगातार दबिश
सारनाथ थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि मामले में अविनाश सेठ और शालिनी गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। फरार चल रहे अविनाश सेठ की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए डीसीपी वरुणा जोन ने उसके खिलाफ 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया है।
दूसरे मामले में आरोपी गिरफ्तार
उधर, चितईपुर थाना क्षेत्र में दर्ज एक अन्य मामले में पुलिस ने आरोपी किशन पटेल को शनिवार को बड़ागांव थाना क्षेत्र के बहोरिपुर गांव से गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष राकेश गौतम ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई। आरोप है कि आरोपी ने शादी का वादा कर कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
गर्भपात कराने और शादी से मुकरने का आरोप
पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि संबंधों के दौरान वह तीन बार गर्भवती हुई, लेकिन हर बार आरोपी ने दवा खिलाकर गर्भपात करा दिया। इसके बाद उसने शादी करने से साफ इनकार कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
