Movie prime

वाराणसी: कफ सिरप केस में जीआरएस और उर्मिला फार्मा के मालिक गिरफ्तार

वाराणसी में कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी मामले में पुलिस ने जीआरएस फार्मा और उर्मिला फार्मा के मालिकों को गिरफ्तार किया है। जांच में भगोड़े शुभम जायसवाल के नेटवर्क से संबंध सामने आए हैं। अब SIT हवाला नेटवर्क और अन्य कारोबारियों की भूमिका खंगाल रही है।

 
कफ सिरप केस
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

वाराणसी: कोडीन कफ सिरप मामले में वाराणसी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली पुलिस ने बुधवार शाम लोहामंडी क्षेत्र से जीआरएस फार्मा के प्रोपराइटर ऋषभ यादव और उर्मिला फार्मा के प्रोपराइटर उमेश यादव को गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर कागजी लेन-देन के जरिए कफ सिरप की खरीद-फरोख्त कर तस्करी नेटवर्क को सपोर्ट करने का आरोप है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी 50 हजार के इनामी भगोड़े शुभम जायसवाल के संपर्क में रहकर शैली ट्रेडर्स के माध्यम से कफ सिरप की खरीद-बिक्री करते थे। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद है।

NDPS केस में पहले से दर्ज थी FIR

डीसीपी काशी जोन ने बताया कि 15 नवंबर को ड्रग इंस्पेक्टर जुनाब अली की तहरीर पर कोतवाली थाने में NDPS एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान सप्तसागर दवा मंडी स्थित जीआरएस मेडिकल और उर्मिला फार्मा की भूमिका सामने आई।

व्हाट्सएप चैट और दस्तावेजों से खुला राज

एसआईटी जांच में व्हाट्सएप चैट, बैंकिंग डिटेल और अन्य दस्तावेजों की जांच के दौरान दोनों कारोबारियों के नाम सामने आए। पुलिस के अनुसार, दस्तावेजों में कफ सिरप की संदिग्ध खरीद-फरोख्त के पर्याप्त संकेत मिले हैं।

हवाला नेटवर्क की भी जांच तेज

पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के हवाला कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है। शुभम जायसवाल के कथित मददगार और हवाला कारोबारी वैभव जायसवाल की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी ने वित्तीय लेन-देन की पड़ताल तेज कर दी है।

कई बड़े कारोबारी रडार पर

जांच एजेंसियों के मुताबिक चौक क्षेत्र के सराफा और साड़ी कारोबार से जुड़े कुछ व्यापारी भी संदिग्ध संपर्क में पाए गए हैं। पश्चिम बंगाल तक हवाला रकम के ट्रांजैक्शन के इनपुट मिले हैं। SIT जल्द ही अन्य चिन्हित कारोबारियों से पूछताछ कर सकती है।

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी। कफ सिरप तस्करी, हवाला और फर्जी दवा कारोबार के इस गठजोड़ को लेकर जांच लगातार आगे बढ़ रही है।