शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर 13 लाख की साइबर ठगी, WhatsApp पर भेजा फर्जी ट्रेडिंग ऐप
वाराणसी में शेयर बाजार में निवेश के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। सिगरा क्षेत्र के दिलीप सिंह से जालसाजों ने व्हाट्सएप के जरिए संपर्क कर फर्जी ट्रेडिंग ऐप से निवेश का झांसा दिया और अलग-अलग किस्तों में 13 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
वाराणसी: शेयर बाजार में निवेश कर कम समय में बड़ा मुनाफा कमाने का लालच वाराणसी के एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। साइबर जालसाजों ने व्हाट्सएप के जरिए संपर्क कर उन्हें फर्जी ट्रेडिंग ऐप के माध्यम से निवेश का झांसा दिया और अलग-अलग किस्तों में 13 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। ठगी का पता चलने के बाद पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत की, जिसके आधार पर सिगरा थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
WhatsApp पर महिला ने किया था संपर्क
मामला सिगरा थाना क्षेत्र के संत रघुवर नगर का है। यहां रहने वाले दिलीप सिंह ने पुलिस को बताया कि 2 जून को उनके व्हाट्सएप पर अदिति वर्मा नाम की महिला का मैसेज आया था। महिला ने उन्हें शेयर बाजार में निवेश के जरिए बड़ा मुनाफा कमाने का झांसा दिया।
इसके बाद जालसाजों ने उन्हें 'अपस्टॉक्स डीएमए ऐप' के जरिए निवेश करने के लिए तैयार किया। पीड़ित को भरोसा दिलाया गया कि ऐप के माध्यम से शेयर बाजार में निवेश करने पर उन्हें अच्छा रिटर्न मिलेगा।
अलग-अलग किस्तों में ट्रांसफर कराए 13 लाख रुपये
पुलिस के अनुसार, 16 जून से 30 जुलाई के बीच पीड़ित से अलग-अलग किस्तों में कुल 13 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए। यह रकम दिलीप सिंह की पत्नी रुचिता सिंह के इंडियन बैंक के बचत खाते से एप के माध्यम से स्थानांतरित की गई।
जब पीड़ित को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने साइबर सेल में शिकायत की। इसके बाद 19 अगस्त को सिगरा थाने में मामला दर्ज किया गया। साइबर अपराध थाना प्रभारी निरीक्षक उदय वीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस लेनदेन और जालसाजों से जुड़े अन्य विवरणों की पड़ताल कर रही है।
शेयर बाजार के नाम पर ऐसे हो रही साइबर ठगी
एडीसीपी साइबर क्राइम नृपेंद्र कुमार ने लोगों को शेयर बाजार में निवेश के नाम पर होने वाली साइबर ठगी को लेकर सावधान किया है। उन्होंने कहा कि निवेश के लिए हमेशा रजिस्टर्ड और आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि साइबर जालसाज अक्सर व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर फर्जी ग्रुप बनाकर खुद को 'SEBI Registered' बताने का दावा करते हैं। ऐसे किसी भी दावे पर भरोसा करने से पहले संबंधित ब्रोकर का सेबी रजिस्ट्रेशन नंबर जरूर सत्यापित करना चाहिए।
पर्सनल बैंक अकाउंट में कभी न भेजें निवेश की रकम
साइबर पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि निवेश के नाम पर किसी व्यक्ति के पर्सनल बैंक अकाउंट में पैसे नहीं भेजने चाहिए। किसी ट्रेडिंग या निवेश ऐप को डाउनलोड करने से पहले भी उसकी विश्वसनीयता जांचना जरूरी है। पुलिस के मुताबिक, ट्रेडिंग ऐप केवल Google Play Store या Apple App Store जैसे आधिकारिक ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें और किसी अनजान व्यक्ति के भेजे लिंक से ऐप इंस्टॉल न करें।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
अगर किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी हो जाती है तो बिना देरी किए नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। इसके साथ ही cybercrime.gov.in पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है। शिकायत जितनी जल्दी की जाएगी, रकम को ट्रेस या फ्रीज कराने की संभावना उतनी बेहतर हो सकती है।
