वाराणसी: रोहनिया में देर रात पुलिस-बदमाशों की मुठभेड़, परचून कारोबारी हत्याकांड के दो शूटरों के पैर में लगी गोली
वाराणसी: रोहनिया थाना क्षेत्र में रविवार देर रात स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और रोहनिया पुलिस की संयुक्त टीम ने चर्चित किराना कारोबारी जितेंद्र पटेल हत्याकांड का बड़ा खुलासा करते हुए दो मुख्य आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश कर रहे दोनों बदमाश जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। पुलिस का दावा है कि वारदात के पीछे 80 लाख रुपये की जमीन बिक्री से जुड़ा विवाद सामने आया है।
पुलिस पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश घायल
रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात एसओजी प्रभारी गौरव सिंह और रोहनिया थाना प्रभारी राजू सिंह के नेतृत्व में संयुक्त टीम को सूचना मिली कि जितेंद्र हत्याकांड के आरोपी अवलेशपुर क्षेत्र में मौजूद हैं। पुलिस ने घेराबंदी की तो बाइक सवार बदमाशों ने बच निकलने के लिए पुलिस टीम पर कई राउंड फायरिंग कर दी।
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी। घायल होने के बाद उन्हें मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को तत्काल ट्रॉमा सेंटर भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
गोलू पटेल उर्फ माफिया और ज्ञान पटेल गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार मुठभेड़ में गिरफ्तार दोनों आरोपियों की पहचान गोलू पटेल उर्फ माफिया और ज्ञान पटेल के रूप में हुई है। दोनों लंबे समय से फरार चल रहे थे और पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी।
घटना की सूचना मिलते ही एडीसीपी वरुणा जोन लिपि नागायच भी मौके पर पहुंचीं और पुलिस अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
8 जून को हुई थी कारोबारी जितेंद्र पटेल की हत्या
रोहनिया के अवलेशपुर स्थित सौरभ विहार कॉलोनी निवासी 35 वर्षीय किराना कारोबारी जितेंद्र कुमार उर्फ जितेंद्र पटेल पर 8 जून 2026 की रात बाइक सवार बदमाशों ने उस समय ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं, जब वह दुकान बंद कर घर लौट रहे थे।
गंभीर हालत में उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां अगले दिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
जांच में सामने आया 80 लाख रुपये की जमीन का विवाद
हत्या के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से जांच आगे बढ़ाई। जांच में खुलासा हुआ कि कुछ समय पहले जितेंद्र पटेल की जमीन करीब 80 लाख रुपये में बिकी थी।
इसी रकम के बंटवारे को लेकर परिवार और करीबी लोगों के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस का कहना है कि इसी विवाद ने बाद में हत्या का रूप ले लिया।
सीसीटीवी और सर्विलांस से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
वारदात के तुरंत बाद पुलिस और एसओजी ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। तकनीकी जांच के आधार पर शूटरों की पहचान की गई और लगातार उनकी लोकेशन ट्रैक की जा रही थी।
रविवार रात मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की, जिसके दौरान बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी और मुठभेड़ हो गई।
तीन अन्य आरोपियों की तलाश तेज
पुलिस सूत्रों के अनुसार मुठभेड़ के बाद चलाए गए अभियान में इस हत्याकांड से जुड़े अन्य संदिग्धों की भी तलाश की जा रही है। कुछ अन्य आरोपियों से पूछताछ की सूचना भी सामने आई है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि साजिश में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार किया जा सके।
एडीसीपी बोलीं- पूरे नेटवर्क की जांच जारी
एडीसीपी वरुणा जोन लिपि नागायच ने बताया कि पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपी मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार किए गए हैं। दोनों का इलाज कराया जा रहा है। मामले की गहन जांच जारी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
