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घर खरीदना होगा सस्ता? Budget 2026 में होम लोन और EMI घटाने पर टिकीं मिडिल क्लास की उम्मीदें

Budget 2026 से पहले होम लोन धारकों को ब्याज पर टैक्स छूट बढ़ने और EMI राहत की उम्मीद है। सेक्शन 24(b) की सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख करने, अफोर्डेबल हाउसिंग विस्तार और नई टैक्स व्यवस्था में होम लोन डिडक्शन शामिल करने की मांग तेज है।

 
Budget 2026
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Budget 2026: जैसे-जैसे 1 फरवरी 2026 की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे देश के करोड़ों होम लोन धारकों और मध्यम वर्ग की उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना नौवां केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं और इस बार सबसे बड़ा फोकस होम लोन, टैक्स डिडक्शन और EMI राहत पर रहने की संभावना है।

तेजी से बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों और ऊंची ब्याज दरों के बीच आम आदमी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या बजट 2026 में सरकार होम लोन को लेकर कोई ठोस राहत देगी।

होम लोन ब्याज पर छूट: 2 लाख से 5 लाख तक बढ़ने की मांग
फिलहाल आयकर अधिनियम की धारा 24(b) के तहत होम लोन के ब्याज पर अधिकतम 2 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है। यह सीमा वित्त वर्ष 2014-15 से अब तक अपरिवर्तित है। रियल एस्टेट संगठनों और प्रॉपर्टी विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले एक दशक में घरों की कीमतें लगभग दोगुनी हो चुकी हैं, ऐसे में ब्याज पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर 4 से 5 लाख रुपये किया जाना जरूरी हो गया है।

EMI पर क्या पड़ेगा असर?

हालांकि बजट सीधे तौर पर बैंक की ब्याज दरें तय नहीं करता, लेकिन बजट में की गई टैक्स और हाउसिंग पॉलिसी से आम आदमी की प्रभावी EMI जरूर प्रभावित होती है।

•    यदि अफोर्डेबल हाउसिंग की मौजूदा सीमा (45 लाख रुपये) बढ़ाकर 65–75 लाख रुपये की जाती है, तो ज्यादा लोग सस्ते होम लोन और सब्सिडी का लाभ उठा सकेंगे।

•    टैक्स डिडक्शन बढ़ने से होम लोन लेने वालों की टैक्स बचत बढ़ेगी, जिससे EMI का वास्तविक बोझ कम होगा।

सेक्शन 80C में बदलाव की मांग

होम लोन के मूलधन (Principal) पर सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलती है, लेकिन इसी सीमा में PPF, LIC और बच्चों की फीस भी शामिल होती है। मिडिल क्लास की मांग है कि होम लोन के मूलधन के लिए अलग से टैक्स सेक्शन बनाया जाए, ताकि घर खरीदने वालों को वास्तविक राहत मिल सके।

नई टैक्स व्यवस्था पर सबसे बड़ा सस्पेंस

नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) में फिलहाल होम लोन के ब्याज पर कोई टैक्स छूट नहीं मिलती। ऐसे में मध्यम वर्ग की सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि बजट 2026 में सरकार न्यू टैक्स रिजीम के तहत भी होम लोन और इंश्योरेंस पर डिडक्शन की सुविधा शुरू करे।

अब सबकी निगाहें 1 फरवरी पर टिकी हैं, जब यह साफ होगा कि सरकार मिडिल क्लास के सपनों के घर को कितना सस्ता बनाने जा रही है।