तेल संकट से बचने का चीन का मास्टर प्लान, 20 साल पहले बना ली थी प्लानिंग
ईरान से जुड़े तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य संकट के बीच चीन की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति चर्चा में है। चीन ने पिछले 20 वर्षों में बड़े तेल भंडार, विविध आयात स्रोत, रूस के साथ ऊर्जा सहयोग और बेल्ट एंड रोड परियोजनाओं के जरिए अपनी तेल आपूर्ति को सुरक्षित करने की दीर्घकालिक तैयारी की है।
China Energy Strategy: ईरान से जुड़े संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव ने वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस अहम समुद्री मार्ग में बाधा आती है तो दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है।
हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि चीन ने इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए पिछले लगभग दो दशकों से व्यापक रणनीति तैयार कर रखी है।
चीन के पास बड़ा तेल भंडार
चीन ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए देशभर में बड़े रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार बनाए हैं। अनुमान है कि इन भंडारों में इतना कच्चा तेल मौजूद है कि देश 100 दिनों से अधिक समय तक अपनी जरूरतें पूरी कर सकता है। इससे आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में चीन को वैकल्पिक व्यवस्था करने का समय मिल जाता है।
ऊर्जा स्रोतों का विविधीकरण
चीन ने तेल आपूर्ति के लिए केवल मध्य-पूर्व पर निर्भरता कम करते हुए रूस, अफ्रीका, मध्य एशिया और लैटिन अमेरिका जैसे क्षेत्रों से आयात बढ़ाया है। रूस से पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए सीधे तेल और गैस की आपूर्ति होने से समुद्री मार्गों पर निर्भरता घटाने में मदद मिली है।
ईरान के साथ दीर्घकालिक समझौता
बीजिंग और तेहरान के बीच 25 साल का रणनीतिक सहयोग समझौता भी ऊर्जा सुरक्षा की इस रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके तहत चीन ईरान के बुनियादी ढांचे और ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश करता है और बदले में उसे स्थिर तेल आपूर्ति मिलती है।
बेल्ट एंड रोड से बने वैकल्पिक मार्ग
चीन की बेल्ट एंड रोड पहल के तहत एशिया, मध्य-पूर्व और अफ्रीका में बंदरगाह, पाइपलाइन और परिवहन गलियारों का विकास किया गया है। इन परियोजनाओं ने ऊर्जा आपूर्ति के कई वैकल्पिक मार्ग तैयार किए हैं, जिससे चीन की निर्भरता केवल समुद्री मार्गों पर नहीं रही।
कूटनीतिक संतुलन की नीति
मध्य-पूर्व में आर्थिक हित होने के बावजूद चीन आमतौर पर क्षेत्रीय सैन्य संघर्षों से दूरी बनाए रखता है और कूटनीतिक समाधान पर जोर देता है। इससे उसे विभिन्न देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने में मदद मिलती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक तनाव यह दिखाता है कि चीन की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा रणनीति उसे कई अन्य देशों की तुलना में अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में रखती है।
