आखिर 24 घंटे में सरकार इतनी एक्टिव कैसे हुई? PM मोदी के संदेश से लेकर सोनम वांगचुक के अनशन खत्म होने तक क्या-क्या बदला
Student Protest India: पेपर लीक विवाद और छात्रों के देशव्यापी आंदोलन के बीच बीते 24 घंटे में घटनाक्रम तेजी से बदला। एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून और फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान किया, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार ने CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रतिनिधियों से बातचीत की पहल की। इसी दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी 26 दिन बाद अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर दिया। लगातार बढ़ते छात्र आंदोलन और विपक्ष के दबाव के बीच सरकार की सक्रियता ने पूरे घटनाक्रम को नई दिशा दे दी।
सरकार ने बदली रणनीति, बातचीत का रास्ता चुना
पिछले करीब एक महीने से पेपर लीक और परीक्षा सुधार की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर फैल चुका है। संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद आंदोलन और तेज हो गया। ऐसे में केंद्र सरकार ने टकराव के बजाय संवाद की रणनीति अपनाई।
केंद्रीय मंत्रियों की उच्चस्तरीय बैठक के बाद फैसला लिया गया कि CJP नेताओं के साथ औपचारिक बातचीत की जाएगी। पहले बातचीत के स्थान को लेकर असहमति रही, लेकिन बाद में संविधान क्लब में वार्ता पर सहमति बनी।
PM मोदी ने दिया बड़ा संदेश
गुरुवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने घोषणा की कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इसके बाद देर रात प्रधानमंत्री ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि सरकार पेपर लीक रोकने के लिए और सख्त कानून लाने जा रही है। प्रस्तावित विधेयक में दोषियों के लिए कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया जा सकता है।
दिल्ली हाईकोर्ट की भी बड़ी पहल
प्रधानमंत्री की घोषणा के कुछ ही घंटे बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट नामित करने का फैसला किया। इसे सरकार की त्वरित कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक बदलाव
सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में भी अहम प्रशासनिक फेरबदल किया। NEET-UG पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला कर दिया गया। इसे भी सरकार के डैमेज कंट्रोल अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह उनसे मिलने पहुंचे और जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
वांगचुक ने कहा कि केंद्र सरकार ने लिखित आश्वासन दिया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी और परीक्षा सुधार व पेपर लीक से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने भी उनसे अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था।
फिर भी आंदोलन खत्म नहीं हुआ
हालांकि सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के बावजूद CJP ने साफ कर दिया है कि आंदोलन जारी रहेगा। संगठन का कहना है कि उनकी प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है और जब तक इस पर निर्णय नहीं होता, देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेंगे।
सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती
सरकार ने पिछले 24 घंटों में लगातार कई फैसले लेकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है। हालांकि अब सबकी नजर सरकार और छात्र संगठनों के बीच होने वाली बातचीत, संसद में प्रस्तावित कानून और आंदोलन के अगले चरण पर टिकी हुई है।
