Dev Deepawali 2025 : मुस्लिम महिलाओं के हाथों बने दीयों से जगमग होंगे काशी के 84 घाट, तैयार कर रही एक लाख दीपक
वाराणसी: महादेव की नगरी काशी में हर साल देव दीपावली (Dev Deepawali) का पावन पर्व बड़ी ही भव्यता और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिव्य नज़ारे को देखने के लिए देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी लाखों श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं। विश्व प्रसिद्ध इस उत्सव में इस साल काशी के गंगा घाट करीब 10 लाख दीयों की रोशनी से जगमगाने वाले हैं, जिसमें वाराणसी की मुस्लिम महिलाएं भी अपना योगदान दे रही हैं।
15 दिनों से से तैयार कर रही दीपक
इन महिलाओं ने गंगा-जमुनी तहजीब की शानदार मिसाल पेश करते हुए गाय के गोबर से एक लाख दीये बनाने का जिम्मा उठाया है। पिछले 15 दिनों से ये महिलाएं अलग-अलग समूहों में बंटकर दिन-रात मेहनत कर रही हैं ताकि देव दीपावली पर उनके हाथों से बने दीये घाटों को रोशन कर सकें।

गोबर के उपलो से बना रही एक लाख दीये
दीया बनाने वाली खुर्शीद बानो ने बताया, “हम यह काम मोहब्बत और भाईचारे के संदेश के लिए कर रहे हैं। हम पांच समूहों में बंटे हुए हैं और लगभग 15 दिनों से लगातार दीये बना रहे हैं। हमें खुशी है कि हमारे हाथों से बने ये दीये काशी को और उजाला देंगे।

उन्होंने आगे बताया कि, “गाय को भगवान का स्वरूप माना जाता है, उसमें देवी-देवताओं का वास माना गया है। इसलिए हम लोग गाय के उपलों में प्राकृतिक सामग्री मिलाकर ये दीये तैयार कर रहे हैं। हमारा एक ही उद्देश्य है भाईचारे और सद्भाव का संदेश देना। हमारा संकल्प है एक लाख दीये तैयार करना।
