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24 घंटे में ‘नरक का द्वार’ से ‘महान देश’ तक... ट्रंप का भारत पर यू-टर्न, आखिर क्या था पूरा विवाद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को लेकर अपने विवादित बयान से यू-टर्न लेते हुए अब इसे महान देश बताया है। 24 घंटे में बदले इस रुख ने वैश्विक कूटनीति में हलचल मचा दी है। पहले ‘नरक का द्वार’ कहने पर विवाद बढ़ा था, अब रिश्तों पर मरहम लगाने की कोशिश।
 
Donald Trump India Statement
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Donald Trump India Statement: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में भारत को लेकर दिए गए विवादित बयान से पैदा हुआ कूटनीतिक तनाव अब अचानक ठंडा पड़ता दिख रहा है। महज 24 घंटे के भीतर ट्रंप ने अपने रुख में बड़ा बदलाव करते हुए भारत की खुलकर तारीफ की है।

‘नरक का द्वार’ से ‘महान राष्ट्र’ तक का सफर

पहले भारत के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले ट्रंप ने अब इसे “महान देश” बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के शीर्ष नेतृत्व के साथ उनके व्यक्तिगत संबंध बेहद मजबूत हैं और वे उसे अपनी प्राथमिकता मानते हैं। इस बयान को दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

क्या था पूरा विवाद?

दरअसल, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक रेडियो होस्ट के पॉडकास्ट का हिस्सा साझा किया था। इस कंटेंट में जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) कानून की आलोचना करते हुए भारत और चीन जैसे देशों के संदर्भ में आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था।

इस बयान में यह भी कहा गया कि इन देशों के लोग अमेरिका में सिर्फ इसलिए आते हैं ताकि उनके बच्चों को जन्म के साथ ही नागरिकता मिल सके। इस टिप्पणी के सामने आते ही विवाद गहराता गया और कूटनीतिक स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं।

वैश्विक कूटनीति में हलचल

ट्रंप के इस बयान और फिर अचानक यू-टर्न ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा छेड़ दी है। विशेषज्ञ इसे एक रणनीतिक बदलाव के तौर पर देख रहे हैं, जहां विवाद बढ़ने के बाद बयान को संतुलित करने की कोशिश की गई है। भारत-अमेरिका संबंधों को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि दोनों देशों के बीच आर्थिक, रक्षा और रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।

रिश्तों को संभालने की कोशिश?

ट्रंप के ताजा बयान से संकेत मिलता है कि वे विवाद को ज्यादा बढ़ने नहीं देना चाहते। भारत को “महान राष्ट्र” बताकर उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की है कि दोनों देशों के रिश्ते मजबूत बने रहें।