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पहले पत्रकार, फिर देश सेवा के लिए चुनी खाकी...जानें कौन हैं वाराणसी के नए एडिशनल सीपी IPS आलोक प्रियदर्शी

 
IPS Alok Priydarshi
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वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार देर रात आईपीएस अधिकारियों की तबादला सूची जारी की है। इस सूची में कुल 24 आईपीएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिनमें 11 जिलों के पुलिस कप्तानों का बदलाव भी शामिल है. इसी क्रम में वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में भी बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। कमिश्नरेट गाजियाबाद में तैनात 2011 बैच के तेज तर्रार आईपीएस अधिकारी आलोक प्रियदर्शी को वाराणसी कमिश्नरेट में एडिशनल पुलिस कमिश्नर के पद पर तैनात किया गया है। वहीं वाराणसी में डीसीपी क्राइम/एडीसीपी काशी के पद पर कार्यरत 2019 बैच के आईपीएस अधिकारी सरवणन टी को उन्नाव का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। 

पटना के रहने वाले हैं IPS आलोक प्रियदर्शी

आईपीएस आलोक प्रियदर्शी मूल रूप से पटना के रहने वाले हैं. उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से पढ़ाई की है। पढ़ाई के दौरान ही साल 1989 में वे एक अंग्रेजी अखबार में पत्रकार बने, लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि मात्र 4 से 5 घंटे की पढ़ाई से ही वर्ष 1991 में उनका चयन पीपीएस में हो गया. उनकी पहली तैनाती महाराजगंज में सीओ के रूप में हुई थी।

एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर पहचान

आलोक प्रियदर्शी को उत्तर प्रदेश में ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ के रूप में जाना जाता है। बदायूं कांड के दौरान ऑन-द-स्पॉट फैसलों को लेकर वे काफी चर्चा में आए थे। अब तक वे 42 कुख्यात अपराधियों के एनकाउंटर कर चुके हैं. इसके अलावा वे तीन बार यूपी एसटीएफ में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. पश्चिमी यूपी में अपराधियों के बीच उनके नाम का खासा खौफ माना जाता है। मार्च 2024 में बदायूं में दो बच्चों की हत्या के मामले में, जब वे वहां एसएसपी थे, तो मुख्य आरोपी का एनकाउंटर भी उनके कार्यकाल में हुआ था।

फरवरी 2023 में वाराणसी आए थे IPS सरवणन टी

2019 बैच के आईपीएस अधिकारी सरवणन टी ने फरवरी 2023 में वाराणसी में कार्यभार संभाला था। डीसीपी क्राइम और एडीसीपी काशी के तौर पर उन्होंने कई बड़े और सनसनीखेज मामलों का खुलासा किया। साइबर क्राइम के मामलों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है. बुजुर्ग शिक्षिका से करोड़ों रुपये की ‘डिजिटल अरेस्ट’ ठगी करने वाले गिरोह को उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों से गिरफ्तार कराया था। इस मामले में लखनऊ से कई बैंक कर्मियों की गिरफ्तारी कर बड़ी रकम की रिकवरी भी कराई गई थी।

दालमंडी ध्वस्तीकरण में निभाई अहम भूमिका

वाराणसी में दालमंडी ध्वस्तीकरण अभियान को सफलतापूर्वक शुरू कराने में भी आईपीएस सरवणन टी की अहम भूमिका रही। एडीसीपी काशी के तौर पर उन्होंने दुकानदारों और स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्रवाई कराई। इस दौरान वे खुद दालमंडी इलाके में ड्रोन उड़ाते नजर आए। इसके अलावा शहर में होने वाले बड़े आयोजनों और संवेदनशील कार्यक्रमों की सुरक्षा की कमान भी उन्होंने संभाली थी।