1000 साल की अटूट आस्था से पोखरण तक… जानिए सोमनाथ अमृत महोत्सव में PM मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें
सोमनाथ अमृत महोत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर के 75 साल, भारत की सभ्यतागत विरासत, सरदार पटेल, पोखरण परमाणु परीक्षण और सनातन की शक्ति पर बड़ा संदेश दिया। जानिए पीएम मोदी के भाषण की 10 सबसे अहम बातें और सोमनाथ से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भ।
गुजरात के गिर सोमनाथ में आयोजित ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पूजा-अर्चना, कुंभाभिषेक और ध्वजारोहण में हिस्सा लिया। मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में पीएम मोदी ने भारत की सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपरा, सरदार पटेल की भूमिका और पोखरण परमाणु परीक्षण तक कई अहम मुद्दों पर विस्तार से बात की।
कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में भव्य एयर शो भी आयोजित किया गया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में सोमनाथ को भारत की “अविनाशी चेतना” का प्रतीक बताया और कहा कि यह महोत्सव केवल अतीत का उत्सव नहीं बल्कि आने वाले हजार वर्षों के भारत की प्रेरणा है। आइये जानते हैं PM मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें।
1. सोमनाथ सिर्फ मंदिर नहीं, भारत की अमर चेतना का प्रतीक
पीएम मोदी ने कहा कि देवों के देव महादेव समय से परे हैं और सोमनाथ उनकी दिव्य शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश उस गौरवशाली विरासत का उत्सव मना रहा है जिसने सदियों के आक्रमणों के बावजूद अपनी पहचान कायम रखी।
2. 75 साल पहले सोमनाथ का पुनर्निर्माण भारत की नई चेतना था
प्रधानमंत्री ने कहा कि 1947 में देश को राजनीतिक स्वतंत्रता मिली, लेकिन 1951 में सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा ने भारत की सांस्कृतिक स्वतंत्रता को नई अभिव्यक्ति दी। उनके मुताबिक यह सिर्फ मंदिर निर्माण नहीं बल्कि सभ्यता के पुनर्जागरण का प्रतीक था।
3. सरदार पटेल को किया याद, बोले- उन्होंने दुनिया को दिया बड़ा संदेश
पीएम मोदी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने 500 से अधिक रियासतों को जोड़कर आधुनिक भारत की नींव रखी। सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण करवाकर उन्होंने दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत अपनी प्राचीन गौरवशाली विरासत को फिर से स्थापित करने जा रहा है।
4. 1000 साल बाद भी सोमनाथ की शक्ति अटूट
प्रधानमंत्री ने कहा कि इतिहास में कई बार सोमनाथ मंदिर पर हमले हुए, लेकिन इसकी आस्था और शक्ति कभी समाप्त नहीं हुई। उन्होंने कहा कि आज भी सोमनाथ भारत की आत्मा और सनातन संस्कृति की मजबूती का सबसे बड़ा प्रतीक है।
5. पहली बार मंदिर शिखर पर हुआ कुंभाभिषेक
सोमनाथ मंदिर के 75वें अमृत महोत्सव पर पहली बार मंदिर के शिखर पर विशेष कुंभाभिषेक किया गया। इसके लिए देश के 11 प्रमुख तीर्थ स्थलों से पवित्र जल लाया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यह अनुष्ठान संपन्न हुआ।
6. 51 ब्राह्मणों ने किया रुद्रपाठ, 1.25 लाख आहुतियां दी गईं
कार्यक्रम के दौरान 51 ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रों और रुद्रपाठ का आयोजन किया गया। साथ ही महारुद्र यज्ञ में करीब 1.25 लाख आहुतियां अर्पित की गईं। पूरे मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला।
7. एयरफोर्स ने आसमान से दी ‘सनातन’ को सलामी
सोमनाथ अमृत महोत्सव में भारतीय वायुसेना के सूर्यकिरण विमानों ने भव्य फ्लाईपास्ट किया। पीएम मोदी ने इसे भारत की शक्ति और सांस्कृतिक गौरव का अनूठा संगम बताया।
8. पोखरण परमाणु परीक्षण का भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में 11 मई 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण को याद किया। उन्होंने कहा कि दुनिया के दबाव के बावजूद भारत ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया और साबित कर दिया कि राष्ट्रीय हित सर्वोपरि है।
9. दुनिया भारत को झुका नहीं सकती
पीएम मोदी ने कहा कि पोखरण परीक्षण के बाद दुनिया ने भारत पर कई तरह के दबाव बनाए, आर्थिक प्रतिबंध लगाए, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में देश झुका नहीं। उन्होंने कहा कि भारत की राजनीतिक इच्छाशक्ति हमेशा अटल रही है।
10. सोमनाथ अमृत महोत्सव आने वाले 1000 सालों की प्रेरणा
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव केवल इतिहास को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का भी पर्व है। उन्होंने देशवासियों और सोमनाथ भक्तों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के साथ आगे बढ़ रहा है।
