Movie prime

विरोधियों को चेतावनी से लेकर क्रेडिट के ब्लैंक चेक तक...10 प्वाइंटस में जानें महिला आरक्षण पर PM मोदी की बड़ी बातें

 
PM Modi
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

Women Reservation Bill : महिला आरक्षण बिल यानी नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने की दिशा में केंद्र सरकार ने तीन संशोधन विधेयक पेश किए। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने विपक्षियों को जमकर घेरा। आइए जानते है पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी व अहम बातें...

पीएम मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें

1. ऐतिहासिक अवसर का जिक्र

पीएम ने कहा कि यह ऐसा अवसर है जिसे सभी सांसदों को मिलकर सफल बनाना चाहिए। इससे देश की दिशा और दशा तय होगी।

2. 21वीं सदी में नया भारत

PM ने कहा कि भारत आज नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और दुनिया में उसकी स्वीकार्यता बढ़ी है।

3. 50% आबादी को भागीदारी

पीएम ने जोर देकर कहा कि देश की आधी आबादी को नीति निर्धारण में शामिल करना समय की मांग है।

4. विरोध करने वालों को चेतावनी

उन्होंने कहा कि जो लोग महिला आरक्षण का विरोध करेंगे, उन्हें भविष्य में राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

5. 2024 चुनाव का जिक्र

पीएम ने कहा कि 2024 में इस मुद्दे पर सहमति बनी, इसलिए यह चुनावी मुद्दा नहीं रहा।

6. राजनीति से ऊपर उठने की अपील

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बिल को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखना चाहिए।

7. पंचायत से संसद तक सफर

पीएम ने कहा कि पंचायत स्तर पर महिलाओं को आरक्षण मिला, अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भी अवसर मिलना चाहिए।

8. महिलाओं की बदलती भूमिका

उन्होंने कहा कि अब महिलाएं पहले की तरह चुप नहीं हैं, बल्कि अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रही हैं।

9. 2029 तक लागू होने का संकेत

पीएम मोदी ने कहा कि 2024 में लागू करना संभव नहीं था, लेकिन 2029 तक इसका अवसर है।

10. ‘क्रेडिट लेने की राजनीति नहीं’

पीएम ने कहा कि उन्हें क्रेडिट नहीं चाहिए जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने को तैयार हूं। सबकी फोटो छपवा देंगे। ले लो जी क्रेडिट। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।

क्या है पूरा मामला?

केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए संशोधन विधेयकों में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। इन्हें लागू करने के लिए कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।

महिला आरक्षण बिल, जो 2023 में पास हुआ था, का उद्देश्य संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है।

क्यों अहम है यह बिल?

यह कानून देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इससे न केवल लोकतंत्र मजबूत होगा, बल्कि नीति निर्माण में महिलाओं की आवाज भी प्रभावी होगी।