Google 28th Birthday : 28 साल का हुआ गूगल, एक गैराज से शुरु हुआ था सफर, जानें कैसे मिला ये नाम
जब भी हमें किसी सवाल का जवाब चाहिए होता है या किसी जानकारी की तलाश करनी होती है, सबसे पहले दिमाग में एक ही नाम आता है Google। पढ़ाई से लेकर नौकरी, ऑफिस के काम से लेकर रोजमर्रा की जिंदगी तक, Google आज करोड़ों-अरबों लोगों की जरूरत बन चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया के सबसे लोकप्रिय सर्च इंजन की शुरुआत एक छोटे से कमरे और किराए के गैराज से हुई थी? आज Google अपना 28वां जन्मदिन भी सेलिब्रेट कर रहा है। इस खास मौके पर जानते है इसके 28 साल के इस सफर के बारे में...
कैसे हुई गूगल की शुरुआत
गूगल सर्च इंजन को चार सितंबर 1998 को अमेरिका के लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन ने डेवलप किया था। सन् 1990 के दशक में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस प्रोग्राम के दौरान एक डॉक्टरेट छात्र सर्गेई ब्रिन और लैरी पेज की मुलाकात हुई थी। इन दोनों ने जब आपस में बात की तो उन्हें लगा कि उनका विजन लगभग सेम ही है। वे दोनों ही वर्ल्ड वाइड वेब की पहुंच को बढ़ाना चाहते हैं। इन दोनों ने अपने हॉस्टल के रूम से खूब मेहनत की और एक सर्च इंजन का प्रोटोटाइप तैयार किया।
इसके बाद इस पर काम करने के लिए और Google के पहले ऑफिस के तौर पर इन्होंने एक किराए का गैरेज लिया। इस तरह मिला गूगल नाम इसके बाद से Google के लोगो के साथ-साथ कई चीजों में बदलाव हुआ। कुछ सालों के बाद पेज और ब्रिन ने कंपनी का नाम बदलकर गूगल रख दिया। यहां तक कि उन्होंने सुसान वोज्स्की से भी स्विच किया और 100,000 डॉलर की फंडिंग प्राप्त की।
2003 में Google बाहर चला गया और अपने 1,000-कर्मचारी कार्यबल के लिए माउंटेन व्यू, कैलिफोर्निया में सिलिकॉन ग्राफिक्स के स्वामित्व वाले एम्फीथिएटर टेक्नोलॉजी सेंटर में ट्रांसफर हो गए। तब से, इस स्थान को Googleplex कहा जाने लगा और अब यह कंपनी का सबसे बड़ा कार्यक्षेत्र क्षेत्र यानी ऑफिस है।कई लोगों को देता है नौकरी: 1998 से शुरू हुई गूगल कंपनी ने जहां एक तरफ एक छोटे से गैराज से शुरुआत की थी। वहीं, आज गूगल एक बड़ी कंपनी बन चुकी है और आज कई लोगों को नौकरी भी दे रही है।
जानें गूगल का पहला लोगो कब बना
गूगल का पहला (Google First Logo) लोगो सर्गेई ब्रिन ने डिजाइन किया गया था। लोगो बनाते समय ब्रिन ने फ्री ग्राफिक प्रोग्राम "GIMP" का इस्तेमाल किया। 1998 संस्करण के बाद, रूथ केदार (Ruth Kedar) ने लोगो का नया डिजाइन दिया।
रूथ केदार की मुलाकात गूगल के संस्थापक लैरी पेज (Larry Page)और सर्गेई ब्रिन (Sergey Brin) से एक कॉमन फ्रेंड के जरिए हुई थी। उनके लोगो से प्रभावित न होकर, दो युवा लड़कों ने केदार से इसे सुधारने के लिए कहा। रूथ केदार उस समय स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में सहायक प्रोफेसर थीं।
