क्या AI सच में दुनिया के लिए खतरा... मस्क का डर सच है या रणनीति?
एलन मस्क और ओपनएआई के बीच चल रहे केस में कोर्टरूम ड्रामा तेज हो गया है। जज ने AI के ‘मानवता के लिए खतरे’ वाले दावे पर सवाल उठाए। मस्क के बयानों, जिरह और सबूतों के बीच यह मामला अब टेक्नोलॉजी, बिजनेस और भविष्य की लड़ाई बनता जा रहा है।
Elon Musk VS OpenAI: एलन मस्क और सैम ऑल्टमैन के बीच चल रहे हाई-प्रोफाइल मुकदमे में तीसरे दिन सुनवाई के दौरान कोर्टरूम में तीखी बहस देखने को मिली। सुनवाई की अध्यक्षता कर रहीं जज गोंजालेज रोजर्स ने स्पष्ट कहा कि वह AI के “मानवता के लिए अस्तित्वगत खतरे” जैसे मुद्दों पर लंबी बहस नहीं चाहतीं। उन्होंने कमेंट करते हुए कहा कि कई लोग मानवता का भविष्य किसी एक व्यक्ति के हाथ में देने के पक्ष में नहीं होंगे, लेकिन इस बहस को अदालत में बढ़ाना उचित नहीं है। मस्क के दावों पर कोर्ट में उठे सवाल
मस्क और उनके वकील लगातार यह तर्क दे रहे हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानवता के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। सुनवाई के दौरान मस्क ने कहा कि AI तकनीक तेजी से आगे बढ़ रही है और यदि इसे नियंत्रित नहीं किया गया, तो यह “हम सभी को खत्म कर सकती है।”
हालांकि, जज ने इस मुद्दे को केस की मुख्य सुनवाई से अलग बताते हुए इसे ज्यादा तूल देने से इनकार कर दिया।
जिरह में उलझे मस्क, पुराने बयान से हुआ टकराव
ओपनएआई की ओर से पेश वकील विलियम सैविट ने मस्क से जिरह के दौरान उनके पुराने बयानों और मौजूदा गवाही के बीच विरोधाभास उजागर करने की कोशिश की।
एक वीडियो दिखाया गया, जिसमें मस्क ने पहले कहा था कि उन्होंने ओपनएआई का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज नहीं पढ़ा है, जबकि कोर्ट में उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने उसका कुछ हिस्सा पढ़ा था। इस विरोधाभास को लेकर मस्क असहज नजर आए।
कोर्ट में तीखी बहस और तनावपूर्ण माहौल
सुनवाई के दौरान मस्क और वकील के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। मस्क ने तर्क दिया कि कई सवाल सीधे “हां या ना” में जवाब देने लायक नहीं होते और उदाहरण देकर अपनी बात रखी।
यह बहस कोर्टरूम में बढ़ते तनाव को दर्शाती है, जहां दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलों को मजबूत करने में जुटे हैं।
AI मॉडल के इस्तेमाल पर भी उठे सवाल
जिरह के दौरान यह मुद्दा भी उठा कि क्या मस्क की कंपनी xAI ने ओपनएआई के मॉडल्स का इस्तेमाल अपनी तकनीक को ट्रेन करने में किया। इस पर मस्क ने संकेत दिया कि आमतौर पर सभी AI कंपनियां इस तरह की तकनीकों का उपयोग करती हैं।
यह बयान टेक इंडस्ट्री में डेटा और मॉडल उपयोग को लेकर नई बहस छेड़ सकता है।
मामला सिर्फ टेक नहीं, अरबों डॉलर का भी खेल
इस केस में माइक्रोसॉफ्ट भी शामिल है, जिसके वकीलों ने भी मस्क से सवाल किए। उनका उद्देश्य यह दिखाना था कि मस्क ने यह मुकदमा तब दायर किया, जब AI इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा और दांव काफी बढ़ गए।
150 अरब डॉलर की मांग और बड़े आरोप
मस्क ने ओपनएआई पर उसके मूल सिद्धांतों से भटकने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कंपनी ने गैर-लाभकारी उद्देश्य से हटकर व्यावसायिक मॉडल अपनाया और बड़े निवेश लिए।
मस्क ने 150 अरब डॉलर के मुआवजे की मांग की है और यह भी कहा है कि कंपनी को अपने फॉर-प्रॉफिट ढांचे को खत्म करना चाहिए। साथ ही उन्होंने सैम ऑल्टमैन को बोर्ड से हटाने की भी मांग की है।
एक महीने तक चलेगी सुनवाई
यह मामला ओकलैंड की फेडरल कोर्ट में चल रहा है और इसके करीब एक महीने तक चलने की संभावना है। मस्क की ओर से आगे गवाह पेश किए जा रहे हैं, जिनमें उनके वित्तीय मामलों को संभालने वाले अधिकारी भी शामिल हैं।
