न करेंसी, न एयरपोर्ट… फिर भी दुनिया के सबसे अमीर देशों में शामिल! जानिए कौन सा है ये देश
Apr 9, 2026, 21:18 IST
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कल्पना कीजिए एक ऐसे देश की, जिसके पास न अपनी करेंसी है और न ही कोई हवाई अड्डा, फिर भी वह दुनिया के सबसे अमीर और सुरक्षित देशों में गिना जाता है। सुनने में यह किसी कहानी जैसा लग रहा हो, लेकिन यही हकीकत है। आइए जानते है कि ये कौन सी कंट्री है।
छोटा देश, बड़ी पहचान
स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया के बीच बसा लिकटेंस्टीन महज 160 वर्ग किलोमीटर में फैला है और इसकी आबादी करीब 40 हजार है। चारों तरफ पहाड़ों से घिरा यह देश अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। आकार में छोटा होने के बावजूद इसकी पहचान दुनिया के सबसे समृद्ध देशों में होती है।
बिना अपनी करेंसी भी मजबूत अर्थव्यवस्था
लिकटेंस्टीन की सबसे खास बात यह है कि इसकी अपनी कोई आधिकारिक मुद्रा नहीं है। यहां लेन-देन के लिए पड़ोसी देश स्विट्जरलैंड की मुद्रा ‘स्विस फ्रैंक’ का इस्तेमाल किया जाता है। इसके बावजूद देश की अर्थव्यवस्था बेहद मजबूत है और प्रति व्यक्ति आय दुनिया के सबसे ऊंचे स्तरों में गिनी जाती है।
नहीं है अपना एयरपोर्ट
हैरानी की बात यह भी है कि इस देश का अपना कोई हवाई अड्डा नहीं है। यहां आने वाले यात्रियों को पहले स्विट्जरलैंड या ऑस्ट्रिया के एयरपोर्ट पर उतरना पड़ता है, फिर सड़क या रेल मार्ग से इस देश में प्रवेश करना होता है। छोटे आकार के कारण यहां एयरपोर्ट की जरूरत महसूस नहीं की गई।
बैंकिंग और उद्योग से बनी ताकत
लिकटेंस्टीन की समृद्धि का सबसे बड़ा आधार इसका मजबूत बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर है। यह देश लंबे समय से टैक्स हेवन के रूप में भी जाना जाता रहा है। इसके अलावा, यहां की मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री काफी उन्नत है और हाई-टेक उत्पादों का निर्यात बड़े पैमाने पर किया जाता है।
सुरक्षित और समृद्ध जीवन
कम आबादी के कारण यहां संसाधनों का बेहतर वितरण होता है, जिससे लोगों का जीवन स्तर बेहद ऊंचा है। यहां अपराध दर लगभग शून्य के बराबर है, जिससे यह दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में शामिल है। दिलचस्प बात यह है कि यहां नौकरियों की संख्या आबादी से भी ज्यादा है, इसलिए पड़ोसी देशों से लोग यहां काम करने आते हैं।
छोटा देश, बड़ी पहचान
स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया के बीच बसा लिकटेंस्टीन महज 160 वर्ग किलोमीटर में फैला है और इसकी आबादी करीब 40 हजार है। चारों तरफ पहाड़ों से घिरा यह देश अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। आकार में छोटा होने के बावजूद इसकी पहचान दुनिया के सबसे समृद्ध देशों में होती है।
बिना अपनी करेंसी भी मजबूत अर्थव्यवस्था
लिकटेंस्टीन की सबसे खास बात यह है कि इसकी अपनी कोई आधिकारिक मुद्रा नहीं है। यहां लेन-देन के लिए पड़ोसी देश स्विट्जरलैंड की मुद्रा ‘स्विस फ्रैंक’ का इस्तेमाल किया जाता है। इसके बावजूद देश की अर्थव्यवस्था बेहद मजबूत है और प्रति व्यक्ति आय दुनिया के सबसे ऊंचे स्तरों में गिनी जाती है।
नहीं है अपना एयरपोर्ट
हैरानी की बात यह भी है कि इस देश का अपना कोई हवाई अड्डा नहीं है। यहां आने वाले यात्रियों को पहले स्विट्जरलैंड या ऑस्ट्रिया के एयरपोर्ट पर उतरना पड़ता है, फिर सड़क या रेल मार्ग से इस देश में प्रवेश करना होता है। छोटे आकार के कारण यहां एयरपोर्ट की जरूरत महसूस नहीं की गई।
बैंकिंग और उद्योग से बनी ताकत
लिकटेंस्टीन की समृद्धि का सबसे बड़ा आधार इसका मजबूत बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर है। यह देश लंबे समय से टैक्स हेवन के रूप में भी जाना जाता रहा है। इसके अलावा, यहां की मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री काफी उन्नत है और हाई-टेक उत्पादों का निर्यात बड़े पैमाने पर किया जाता है।
सुरक्षित और समृद्ध जीवन
कम आबादी के कारण यहां संसाधनों का बेहतर वितरण होता है, जिससे लोगों का जीवन स्तर बेहद ऊंचा है। यहां अपराध दर लगभग शून्य के बराबर है, जिससे यह दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में शामिल है। दिलचस्प बात यह है कि यहां नौकरियों की संख्या आबादी से भी ज्यादा है, इसलिए पड़ोसी देशों से लोग यहां काम करने आते हैं।
