वरिष्ठ नागरिकों के लिए काम की खबर! Senior Citizen Savings Scheme में 15 लाख तक निवेश, जानें ब्याज और निकासी के नियम
Senior Citizen Savings Scheme (SCSS) में वरिष्ठ नागरिक 15 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं। योजना की अवधि पांच वर्ष है और इसे तीन साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। जानें SCSS की ब्याज दर, निवेश सीमा, पात्रता, टैक्स लाभ, समय से पहले निकासी और खाता बढ़ाने के जरूरी नियम।
Senior Citizen Savings Scheme: सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली एकमुश्त राशि को सुरक्षित जगह निवेश करना वरिष्ठ नागरिकों के लिए बड़ी चिंता होती है। ऐसे में केंद्र सरकार की Senior Citizen Savings Scheme (SCSS) एक विकल्प है। इस योजना में फिलहाल 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है, जो छोटी बचत योजनाओं में सबसे अधिक दरों में शामिल है। योजना में कौन निवेश कर सकता है, कितनी रकम जमा की जा सकती है और समय से पहले पैसा निकालने पर क्या नियम हैं, आइए जानते हैं।
15 लाख रुपये तक कर सकते हैं निवेश
SCSS में न्यूनतम 1,000 रुपये से खाता खोला जा सकता है, जबकि अधिकतम 15 लाख रुपये तक निवेश की सीमा है। योजना की शुरुआती अवधि पांच वर्ष होती है। यानी निवेशक का पैसा पांच साल तक योजना में रहता है। जरूरत पड़ने पर खाते की अवधि को आगे तीन साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।
इस योजना में निवेश पर आयकर की धारा 80C के तहत टैक्स लाभ मिलता है। हालांकि, खाते से मिलने वाला ब्याज कर योग्य होता है। यदि एक वित्त वर्ष में ब्याज की राशि निर्धारित सीमा से अधिक हो जाती है तो उस पर TDS की कटौती भी हो सकती है।
सरकार वरिष्ठ नागरिक बचत योजना समेत छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की हर तीन महीने में समीक्षा करती है। इसलिए भविष्य की ब्याज दरें मौजूदा दर से अलग हो सकती हैं।
60 साल या उससे अधिक उम्र के लोग कर सकते हैं निवेश
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना मुख्य रूप से 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए है। सेवानिवृत्ति के बाद ऐसे लोग इसमें निवेश कर सकते हैं।
इसके अलावा 55 से 60 वर्ष की आयु के बीच स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने वाले कर्मचारी भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। हालांकि, उन्हें सेवानिवृत्ति की तारीख से एक महीने के भीतर SCSS खाता खुलवाना होता है। सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों के लिए नियम कुछ अलग हैं। वे 50 वर्ष की उम्र से इस योजना में निवेश कर सकते हैं।
पांच साल बाद क्या करना होगा?
SCSS खाते की शुरुआती परिपक्वता अवधि पांच वर्ष है। अवधि पूरी होने के बाद खाताधारक के पास मुख्य रूप से दो विकल्प होते हैं, वह अपनी जमा राशि निकाल सकता है या खाते को आगे बढ़ा सकता है।
यदि खाताधारक पैसे नहीं निकालना चाहता और खाते को जारी रखना चाहता है तो उसे तीन वर्ष के लिए अवधि बढ़ाने का आवेदन करना होगा। यह आवेदन परिपक्वता की तारीख से एक वर्ष के भीतर करना जरूरी है।
यदि अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन किया जाता है, तो परिपक्वता की तारीख से आवेदन की तारीख तक लागू नियमों के अनुसार ब्याज का भुगतान भी किया जाता है। वहीं, तय अवधि में विस्तार का आवेदन नहीं करने पर खाते को परिपक्व माना जा सकता है।
समय से पहले भी बंद कर सकते हैं खाता
जरूरत पड़ने पर SCSS खाते को पांच साल पूरे होने से पहले भी बंद किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए नियमों के तहत कटौती होती है।
दो साल से पहले खाता बंद करने पर: जमा राशि का 1.5 प्रतिशत कटौती के रूप में लिया जाता है।
दो साल पूरे होने के बाद खाता बंद करने पर: जमा राशि का 1 प्रतिशत काटा जाता है।
विस्तारित अवधि वाले खाते में: एक साल पूरा होने के बाद बिना कटौती के पैसा निकाला जा सकता है।
इसलिए सेवानिवृत्ति के बाद एकमुश्त रकम निवेश करने वाले लोगों के लिए SCSS पर विचार करते समय निवेश अवधि, ब्याज पर टैक्स और समय से पहले निकासी के नियमों को समझना जरूरी है।
