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12 साल की उम्र में बनाया विमान, NASA और Jeff Bezos का ऑफर ठुकराया... कौन हैं 'नई आइंस्टीन' सबरीना?

12 साल की उम्र में विमान बनाया, 14 की उम्र में अकेले उड़ाया और बाद में NASA, Jeff Bezos व करोड़ों डॉलर के ऑफर ठुकरा दिए। जानिए हार्वर्ड की वैज्ञानिक सबरीना गोंजालेज पास्टर्स्की की प्रेरक कहानी, जिनके शोध का उल्लेख स्टीफन हॉकिंग ने भी किया था।

 
Who is Sabrina Gonzalez Pasterski
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Who is Sabrina Gonzalez Pasterski: विज्ञान की दुनिया में कुछ नाम ऐसे होते हैं, जो अपनी उपलब्धियों से पूरी दुनिया को हैरान कर देते हैं। ऐसी ही एक वैज्ञानिक हैं सबरीना गोंजालेज पास्टर्स्की (Sabrina Gonzalez Pasterski), जिन्हें कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान 'नेक्स्ट अल्बर्ट आइंस्टीन' कहकर संबोधित करते हैं। महज 12 साल की उम्र में विमान बनाना, 14 साल में उसे अकेले उड़ाना, हार्वर्ड से शोध करना और NASA व Jeff Bezos जैसे दिग्गजों के आकर्षक प्रस्ताव ठुकरा देना, सबरीना की उपलब्धियां उन्हें दुनिया के सबसे चर्चित युवा वैज्ञानिकों में शामिल करती हैं।

12 साल में शुरू किया विमान बनाना, 14 साल में खुद उड़ाया

शिकागो में जन्मीं सबरीना बचपन से ही विज्ञान और इंजीनियरिंग में असाधारण रुचि रखती थीं। जब उनकी उम्र सिर्फ 12 वर्ष थी, तब उन्होंने एक सिंगल-इंजन एयरक्राफ्ट बनाना शुरू किया। दो साल की मेहनत के बाद 14 वर्ष की उम्र में उन्होंने उसी विमान को स्वयं उड़ाकर सबको चौंका दिया। यही उपलब्धि बाद में उनके लिए MIT (मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) में प्रवेश का बड़ा आधार बनी।

MIT में बनाया रिकॉर्ड, हार्वर्ड से की पीएचडी

MIT में सबरीना ने फिजिक्स की पढ़ाई केवल तीन वर्षों में पूरी कर ली और परफेक्ट 5.0 GPA के साथ स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय से सैद्धांतिक भौतिकी (Theoretical Physics) में पीएचडी की। पढ़ाई के दौरान उनका शोध गुरुत्वीय तरंगों (Gravitational Waves) और स्पेस-टाइम से जुड़े जटिल सिद्धांतों पर केंद्रित रहा।

स्टीफन हॉकिंग ने किया उनके शोध का उल्लेख

हार्वर्ड में प्रोफेसर एंड्रयू स्ट्रोमिंगर के साथ काम करते हुए सबरीना ने 'स्पिन मेमोरी इफेक्ट' पर महत्वपूर्ण शोध किया। इस शोध ने वैज्ञानिक जगत का ध्यान आकर्षित किया और महान भौतिक विज्ञानी स्टीफन हॉकिंग ने भी अपने अंतिम वैज्ञानिक शोधपत्रों में उनके काम का उल्लेख किया। यही उपलब्धि उन्हें वैश्विक स्तर पर अलग पहचान दिलाने वाली साबित हुई।

NASA, Jeff Bezos और करोड़ों का ऑफर... फिर भी कहा 'नहीं'

सबरीना की प्रतिभा को देखते हुए NASA ने उन्हें नौकरी का प्रस्ताव दिया। वहीं, अमेजन के संस्थापक Jeff Bezos ने भी अपनी स्पेस कंपनी Blue Origin से जुड़ने का निमंत्रण दिया। इतना ही नहीं, ब्राउन यूनिवर्सिटी ने उन्हें करीब 11 लाख डॉलर (लगभग 9 करोड़ रुपये) के पैकेज पर असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का प्रस्ताव भी दिया।

लेकिन सबरीना ने इन सभी प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया। उनका कहना था कि उनका लक्ष्य वेतन या प्रतिष्ठा नहीं, बल्कि ब्रह्मांड से जुड़े सबसे कठिन वैज्ञानिक सवालों के जवाब तलाशना है।

अब किस पर कर रही हैं शोध?

वर्ष 2021 में सबरीना कनाडा स्थित Perimeter Institute for Theoretical Physics से जुड़ गईं। यहां उन्होंने Celestial Holography Initiative की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य क्वांटम ग्रैविटी और स्पेस-टाइम के उन रहस्यों को समझना है, जिनका जवाब आधुनिक विज्ञान अब तक नहीं खोज पाया है। वर्ष 2023 में इस परियोजना को Simons Foundation से लगभग 8 मिलियन डॉलर की फंडिंग भी मिली।

क्यों कहा जाता है 'नेक्स्ट अल्बर्ट आइंस्टीन'?

भौतिकी के जटिल सिद्धांतों पर कम उम्र में किए गए उनके शोध, असाधारण शैक्षणिक रिकॉर्ड और विज्ञान के प्रति समर्पण के कारण दुनिया भर में उनकी तुलना अल्बर्ट आइंस्टीन से की जाती है। हालांकि, सबरीना स्वयं हमेशा यही कहती हैं कि उनकी पहचान उनके काम से होनी चाहिए, किसी उपाधि से नहीं।