क्या अंडमान बनेगा भारत का नया ऊर्जा हब? दूसरी बार मिली प्राकृतिक गैस, क्या बदलेगा भारत का ऊर्जा भविष्य
Andaman Sea Natural Gas: भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ी सफलता मिली है। सरकारी तेल एवं गैस कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड (Oil India Limited - OIL) ने अंडमान सागर में अपने एक और खोजी कुएं में प्राकृतिक गैस की मौजूदगी की पुष्टि की है। यह खोज अंडमान बेसिन में कंपनी की दूसरी महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है और इससे देश के घरेलू ऊर्जा संसाधनों को लेकर उम्मीदें और मजबूत हुई हैं।
विजयपुरम-3 कुएं में मिली प्राकृतिक गैस
ऑयल इंडिया ने बताया कि अंडमान के पूर्वी तट से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित विजयपुरम-3 (Vijayapuram-3) नामक खोजी कुएं में प्राकृतिक गैस की मौजूदगी मिली है। यह कुआं समुद्र में लगभग 355 मीटर गहराई वाले क्षेत्र में ड्रिल किया गया था। प्रारंभिक उत्पादन परीक्षण के दौरान गैस का लगातार फ्लेयरिंग होना प्राकृतिक गैस की मौजूदगी का स्पष्ट संकेत माना गया। कंपनी के अनुसार परीक्षण के दौरान कुएं से दबाव बनना शुरू हुआ और गैस का उत्पादन दर्ज किया गया, जिससे इस खोज की पुष्टि हुई।
तीन कुओं में से दो में मिला हाइड्रोकार्बन
यह खोज इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि अंडमान ऑफशोर ब्लॉक AN-OSHP-2018/1 में अब तक ड्रिल किए गए तीन खोजी कुओं में से दो में हाइड्रोकार्बन (तेल या गैस) की मौजूदगी सामने आ चुकी है। इससे पहले सितंबर 2025 में विजयपुरम-2 कुएं में भी प्राकृतिक गैस मिलने की पुष्टि हुई थी। अब विजयपुरम-3 में मिली सफलता ने अंडमान बेसिन की संभावनाओं को और मजबूत कर दिया है।
केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने बताया 'ऊर्जा अवसरों का महासागर'
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने इस खोज को भारत के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि अंडमान सागर में प्राकृतिक गैस की मौजूदगी भारत के लिए "ऊर्जा अवसरों के महासागर" को और मजबूत करती है। मंत्री ने कहा कि यह खोज देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
भारत की आयात निर्भरता कम करने में मिल सकती है मदद
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में यह भंडार व्यावसायिक उत्पादन के लिए उपयुक्त साबित होता है, तो भारत की तेल और गैस आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
वर्तमान में भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में घरेलू गैस भंडार की खोज देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ विदेशी मुद्रा पर दबाव भी कम कर सकती है।
अभी लंबा है उत्पादन तक का सफर
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि प्राकृतिक गैस मिलने की पुष्टि और व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने के बीच लंबी प्रक्रिया होती है। कंपनी अभी गैस के सैंपल एकत्र कर रही है ताकि उसकी संरचना, कैलोरिफिक वैल्यू और उत्पत्ति का वैज्ञानिक अध्ययन किया जा सके। इसके बाद भंडार की वास्तविक क्षमता और व्यावसायिक उपयोगिता का आकलन किया जाएगा।
'समुद्र मंथन मिशन' को मिला बड़ा संकेत
इस खोज को केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी समुद्र मंथन मिशन (National Deep Water Exploration Mission) के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य भारत के समुद्री क्षेत्रों में मौजूद तेल और गैस संसाधनों की व्यापक खोज करना है। अंडमान बेसिन में लगातार मिल रही सफलताएं इस दिशा में उत्साहजनक मानी जा रही हैं।
अंडमान बेसिन बन सकता है भारत का नया ऊर्जा हब
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि यदि आगे की खोजों में भी इसी तरह के परिणाम मिलते हैं तो अंडमान बेसिन भविष्य में भारत के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा क्षेत्रों में शामिल हो सकता है।
ऑयल इंडिया की लगातार दूसरी सफलता ने यह संकेत दिया है कि अंडमान क्षेत्र में बड़े हाइड्रोकार्बन संसाधनों की संभावना मौजूद है और आने वाले वर्षों में यह भारत के ऊर्जा मानचित्र पर अहम भूमिका निभा सकता है।
