NEET री-एग्जाम में बड़ा बदलाव: 15 मिनट बढ़ा समय, NTA ने जारी किए 5 नए नियम
नई दिल्ली। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET-UG 2026 री-एग्जाम को लेकर कई अहम बदलावों की घोषणा की है। नए नोटिस के अनुसार परीक्षा का समय 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दिया गया है। साथ ही अभ्यर्थियों को उत्तर पुस्तिका में रफ वर्क के लिए अतिरिक्त स्थान भी उपलब्ध कराया जाएगा।
गौरतलब है कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के चलते रद्द कर दी गई थी। 12 मई को NTA ने परीक्षा निरस्त करने का फैसला लिया था। मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है। अब यह परीक्षा 21 जून 2026 को दोबारा आयोजित की जाएगी।
पेपर सेटर्स रहेंगे लॉकडाउन में
परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों को 21 जून तक कड़े प्रतिबंधों के बीच रखा जाएगा। NTA ने पेपर लीक की किसी भी संभावना को रोकने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। री-एग्जाम के लिए देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
प्रश्नपत्रों के परिवहन में होगा एयरफोर्स का इस्तेमाल
अधिकारियों के मुताबिक प्रश्नपत्र तैयार करने, अनुवाद, प्रिंटिंग, पैकेजिंग, स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन और वितरण की पूरी प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। परीक्षा सामग्री के सुरक्षित परिवहन के लिए भारतीय वायुसेना के एयरक्राफ्ट का उपयोग किया जाएगा।
इसके अलावा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। अधिकारी 24 घंटे सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर नजर बनाए हुए हैं ताकि फर्जी प्रश्नपत्र, अफवाहों और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
नया सिस्टम: एक्सपर्ट्स को भी नहीं होगा परीक्षा का पता
NTA एक नई व्यवस्था विकसित कर रही है, जिसके तहत प्रश्न तैयार करने वाले विशेषज्ञों को यह जानकारी नहीं होगी कि वे किस परीक्षा के लिए सवाल तैयार कर रहे हैं। विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ केवल प्रश्न तैयार करेंगे, जिन्हें एक बड़े डिजिटल प्रश्न बैंक में संग्रहित किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार इस प्रश्न बैंक में लगभग 10 हजार प्रश्न शामिल हो सकते हैं। बाद में तकनीक की मदद से इन्हीं प्रश्नों के आधार पर अंतिम प्रश्नपत्र तैयार किया जाएगा, जिससे गोपनीयता और सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकेगा।
1 लाख से अधिक मेडिकल सीटों में प्रवेश का माध्यम है NEET
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) देश में मेडिकल और डेंटल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है। इसकी शुरुआत वर्ष 2013 में हुई थी।
इस परीक्षा के जरिए सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग समेत विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश मिलता है। देश के प्रतिष्ठित संस्थान जैसे AIIMS और JIPMER भी इसी परीक्षा के माध्यम से छात्रों को प्रवेश देते हैं।
