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बोलीविया के घने जंगलों में 100 साल बाद मिली बिल्ली की नई प्रजाति, नाम है लियोपॉर्डस तिल्कायो

बोलीविया के युंगास जंगलों में ‘तिल्कायो’ नाम की जंगली बिल्ली की नई प्रजाति की पुष्टि हुई है। DNA जांच के बाद इसे Leopardus tilcayo नाम दिया गया। करीब 18 इंच लंबी और 1.4 किलो वजनी यह बिल्ली टाइगर कैट समूह से जुड़ी है और इसके बारे में वैज्ञानिक आगे अध्ययन कर रहे हैं।
 
बोलीविया
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Leopardus Tilcayo News: दक्षिण अमेरिका में करीब एक सदी बाद जंगली बिल्ली की एक नई प्रजाति की पुष्टि हुई है। बोलीविया के घने युंगास जंगलों में पाई गई इस छोटी जंगली बिल्ली को स्थानीय लोग ‘तिल्कायो’ नाम से जानते हैं। DNA समेत कई वैज्ञानिक जांच के बाद शोधकर्ताओं ने इसे टाइगर कैट्स के समूह की एक अलग प्रजाति के रूप में पहचाना है। इसका वैज्ञानिक नाम ‘Leopardus tilcayo’ रखा गया है।

शोधकर्ताओं के मुताबिक, इस बिल्ली के बारे में अभी बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। अब वैज्ञानिक इसके व्यवहार, भोजन, आवास और जीवनशैली को समझने के लिए आगे अध्ययन कर रहे हैं।

युंगास के घने जंगलों में मिली तिल्कायो

तिल्कायो की पुष्टि बोलीविया के पहाड़ी युंगास क्षेत्र से हुई है। यह इलाका घने जंगलों और बादलों से घिरे पहाड़ों के लिए जाना जाता है। शोधकर्ताओं को यहां ऐसी दो बिल्लियों के बारे में जानकारी मिली, जिनकी वैज्ञानिक जांच की गई।

इन बिल्लियों की लंबाई करीब 18 इंच और वजन लगभग 1.4 किलोग्राम बताया गया है। यानी आकार और वजन के लिहाज से यह सामान्य घरेलू बिल्लियों से भी छोटी और हल्की है।

शोधकर्ताओं ने इन बिल्लियों की पहचान केवल उनके बाहरी रूप के आधार पर नहीं की। उनकी आनुवंशिक संरचना यानी DNA की भी जांच की गई। इसी विश्लेषण से यह संकेत मिला कि ये टाइगर कैट्स की पहले से पहचानी गई प्रजातियों से अलग हैं।

स्थानीय नाम को ही वैज्ञानिक नाम में रखा

वैज्ञानिकों ने इस बिल्ली के स्थानीय नाम तिल्कायो को बरकरार रखा है। इसे वैज्ञानिक नाम में शामिल करते हुए नई प्रजाति का नाम Leopardus tilcayo रखा गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, नई प्रजाति से संबंधित शोध Current Biology में प्रकाशित हुआ है। इस अध्ययन से जुड़े शोधकर्ताओं में नेशनल ज्योग्राफिक एक्सप्लोरर पाओला नोगलेस-एस्कारुन्ज भी शामिल हैं।

नोगलेस ने इस बिल्ली की पहचान बताते हुए कहा कि इसके बाल हल्के भूरे रंग के हैं और शरीर पर अलग-अलग आकार के रोसेट यानी गोल या फूल जैसी आकृति वाले धब्बे दिखाई देते हैं।

क्या खाती है तिल्कायो?

तिल्कायो की जीवनशैली को लेकर अभी ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है। हालांकि, शोधकर्ताओं को इसके भोजन के बारे में कुछ शुरुआती संकेत मिले हैं।

बिल्लियों के मल की जांच के दौरान उसमें छोटे जानवरों के अवशेष मिले। इससे वैज्ञानिकों को अनुमान है कि तिल्कायो चूहे जैसे छोटे स्तनधारी जीवों का शिकार कर सकती है।

इसके अलावा शोधकर्ताओं ने इलाके में कैमरा ट्रैप भी लगाए। इन कैमरों से मिले फुटेज से संकेत मिलता है कि तिल्कायो रात के समय अधिक सक्रिय हो सकती है।

हालांकि, वैज्ञानिक इसे अभी शुरुआती जानकारी मान रहे हैं। इस प्रजाति के वास्तविक भोजन और व्यवहार को समझने के लिए और अध्ययन की जरूरत है।

पहले सभी टाइगर कैट्स को एक ही प्रजाति माना जाता था

इस खोज की खास बात यह है कि टाइगर कैट्स को लंबे समय तक एक ही प्रजाति का समूह माना जाता था। लेकिन पिछले कुछ दशकों में हुई कई जेनेटिक स्टडीज ने संकेत दिया कि इस समूह में एक से अधिक अलग प्रजातियां मौजूद हो सकती हैं।

DNA और दूसरी वैज्ञानिक जांचों ने अब इन बिल्लियों के बीच मौजूद आनुवंशिक अंतर को समझने में मदद की है। तिल्कायो की पहचान भी इसी लंबे वैज्ञानिक अध्ययन का हिस्सा है।

यानी यह पूरी तरह ऐसी बिल्ली नहीं है जिसके बारे में वैज्ञानिकों ने अचानक जंगल में पहली बार कोई तस्वीर देखी हो। बल्कि कई साल से चल रही जेनेटिक रिसर्च ने यह समझने में मदद की कि टाइगर कैट्स के समूह में अलग-अलग प्रजातियां मौजूद हैं।

अभी सिर्फ दो जीवित बिल्लियों की वैज्ञानिक जानकारी

नई प्रजाति की पुष्टि के बावजूद शोधकर्ताओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि उनके पास फिलहाल सिर्फ दो जीवित तिल्कायो बिल्लियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी है।

इनमें से एक करीब 10 साल का नर है। बताया गया है कि वह पहले एक स्थानीय परिवार के घर में रहता था। अब उसे Senda Verde Wildlife Sanctuary में रखा गया है।

दूसरी बिल्ली से मिली जानकारी और दोनों के DNA समेत दूसरे वैज्ञानिक आंकड़ों को भी अध्ययन में शामिल किया गया है। वैज्ञानिक अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि जंगल में तिल्कायो की वास्तविक संख्या कितनी है और यह किस क्षेत्र में पाई जाती है।

संरक्षण के लिहाज से भी अहम खोज

नई प्रजाति की पहचान सिर्फ वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इसके संरक्षण के लिए भी इसका महत्व है। किसी जीव को अलग प्रजाति के रूप में पहचान मिलने के बाद उसके आवास, संख्या और खतरों का अलग से अध्ययन किया जा सकता है।

युंगास जैसे पहाड़ी जंगलों में रहने वाली इस छोटी बिल्ली के लिए जंगल का सुरक्षित रहना बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, तिल्कायो की संरक्षण स्थिति और जंगल में इसकी कुल आबादी के बारे में अभी पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है।

वैज्ञानिकों के लिए अगला कदम जंगल में इस बिल्ली की वितरण सीमा, आबादी, व्यवहार और प्रजनन से जुड़ी जानकारी जुटाना होगा।

करीब एक सदी बाद क्यों महत्वपूर्ण है यह खोज?

दक्षिण अमेरिका की टाइगर कैट्स को लेकर लंबे समय से वैज्ञानिक अध्ययन चल रहे हैं। नई जेनेटिक जानकारी ने यह समझने में मदद की है कि इनके बीच पहले सोची गई तुलना में ज्यादा विविधता मौजूद है। ऐसे में बोलीविया के जंगलों से सामने आई Leopardus tilcayo की पुष्टि यह दिखाती है कि दुनिया के अपेक्षाकृत कम अध्ययन किए गए जंगलों में आज भी जैव विविधता के कई रहस्य छिपे हो सकते हैं।