CBSE को मिला नया चेयरमैन: 25 साल के प्रशासनिक अनुभव वाले IAS लोखंडे प्रशांत सीताराम संभालेंगे कमान
नई दिल्ली। देश के लाखों छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) का नया चेयरमैन नियुक्त किया है। हाल के दिनों में CBSE मूल्यांकन प्रणाली और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) को लेकर उठे विवादों के बीच उनकी नियुक्ति को बेहद अहम माना जा रहा है।
लोखंडे प्रशांत सीताराम वर्ष 2001 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और एजीएमयूटी (AGMUT) कैडर से जुड़े हुए हैं। प्रशासनिक सेवा में आने से पहले उन्होंने तकनीकी क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई थी। उन्होंने पुणे विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीई की डिग्री प्राप्त की और इसके बाद मुंबई स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग (NITIE) से इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया।
करीब 25 वर्षों के प्रशासनिक अनुभव वाले लोखंडे ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारियां निभाई हैं। कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक प्रबंधन, नीति निर्माण और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उनकी विशेष भूमिका रही है। जटिल प्रशासनिक मामलों को कुशलतापूर्वक संभालने की उनकी क्षमता के कारण उन्हें केंद्र सरकार की कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
CBSE चेयरमैन बनने से पहले लोखंडे प्रशांत सीताराम गृह मंत्रालय (MHA) में अतिरिक्त सचिव के पद पर कार्यरत थे। गृह मंत्रालय में रहते हुए उन्होंने राष्ट्रीय महत्व के कई प्रशासनिक और नीतिगत मामलों की निगरानी की। अब उन्हें देश के सबसे बड़े शिक्षा बोर्ड की कमान सौंपी गई है, जिससे शिक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुधारों की उम्मीद की जा रही है।
वेतन और सुविधाओं की बात करें तो CBSE चेयरमैन को प्रतिमाह लगभग 3 से 3.5 लाख रुपये तक का वेतन मिलता है। इसमें बेसिक पे के साथ महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और परिवहन भत्ता शामिल होता है। इसके अलावा सरकारी आवास समेत कई अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं।
इसी क्रम में उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक वरुण भारद्वाज को भी नई जिम्मेदारी देते हुए सीबीएसई का सचिव (निदेशक स्तर) नियुक्त किया गया है। शिक्षा क्षेत्र में इन नई नियुक्तियों को प्रशासनिक मजबूती और सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
