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CBSE Re-evaluation 2026: री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन पोर्टल शुरू, 6 जून तक कर सकेंगे आवेदन
 

 
 CBSE Re-evaluation 2026: री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन पोर्टल शुरू, 6 जून तक कर सकेंगे आवेदन
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नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने वर्ष 2026 के परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों को बड़ी राहत देते हुए वेरिफिकेशन ऑफ मार्क्स और री-इवैल्यूएशन के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू कर दिया है। जिन छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी प्राप्त कर ली है, वे अब अपने अंकों की दोबारा जांच और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। बोर्ड ने इसके लिए अंतिम तिथि 6 जून निर्धारित की है।

आवेदन के लिए आधार सत्यापन अनिवार्य

सीबीएसई ने इस बार वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए आधार सत्यापन को अनिवार्य किया है। बोर्ड के अनुसार आवेदन के दौरान छात्रों को आधार से जुड़ी जानकारी उपलब्ध करानी होगी। जिन छात्रों के पास आधार कार्ड नहीं है, वे अपने माता-पिता या किसी करीबी रिश्तेदार के आधार नंबर का उपयोग कर सकते हैं। हालांकि ऐसे मामलों में आवेदन में दर्ज नाम, जन्म तिथि और जेंडर उसी व्यक्ति के आधार विवरण से मेल खाना चाहिए, जिसका आधार नंबर इस्तेमाल किया जा रहा है।

रिजल्ट के बाद छात्रों ने उठाए थे सवाल

इस वर्ष परिणाम घोषित होने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने अपने प्राप्त अंकों को लेकर असंतोष जताया था। कई छात्रों का कहना था कि उन्हें अपेक्षा से कम अंक मिले हैं, जबकि कुछ ने मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए थे। ऐसे में छात्र लंबे समय से री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे थे।

ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम रहा चर्चा में

इस बार बोर्ड ने बड़े पैमाने पर ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OMS) का उपयोग किया, जिसके तहत परीक्षक स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन करते हैं। परिणाम जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर कई छात्रों ने मूल्यांकन संबंधी शिकायतें दर्ज कराई थीं। कुछ छात्रों ने स्कैन कॉपी में तकनीकी समस्याओं और उत्तरों के मूल्यांकन को लेकर भी सवाल उठाए थे। इसी कारण इस बार पोस्ट-रिजल्ट सेवाओं को लेकर छात्रों की दिलचस्पी अधिक देखने को मिल रही है।

फीस में बड़ी कटौती से छात्रों को राहत

सीबीएसई ने इस वर्ष री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन से जुड़ी फीस में भी बड़ा बदलाव किया है। पहले उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए छात्रों को 700 रुपये तक खर्च करने पड़ते थे, जबकि अब यह शुल्क घटाकर 100 रुपये प्रति विषय कर दिया गया है। इसी तरह मार्क्स वेरिफिकेशन की फीस भी 100 रुपये प्रति विषय निर्धारित की गई है। वहीं किसी प्रश्न के री-इवैल्यूएशन के लिए अब केवल 25 रुपये प्रति प्रश्न शुल्क देना होगा, जो पहले 100 रुपये प्रति प्रश्न था।

आवेदन से पहले उत्तर पुस्तिका की करें जांच

बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने से पहले अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिका का सावधानीपूर्वक निरीक्षण करें। छात्रों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी उत्तरों का मूल्यांकन किया गया है या नहीं, किसी पृष्ठ का मूल्यांकन छूटा तो नहीं है, अंकों के जोड़ में कोई त्रुटि तो नहीं हुई है तथा किसी उत्तर को गलती से अनदेखा तो नहीं किया गया है।