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CBSE ने जारी की प्रैक्टिकल परीक्षा 2026 की नई गाइडलाइंस और SOP, सख्ती से पालन के निर्देश

 
 CBSE ने जारी की प्रैक्टिकल परीक्षा 2026 की नई गाइडलाइंस और SOP, सख्ती से पालन के निर्देश
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नई दिल्ली I केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं के प्रैक्टिकल एग्जामिनेशन, प्रोजेक्ट वर्क तथा इंटरनल असेसमेंट के लिए नई गाइडलाइंस और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) जारी कर दिए हैं। बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों को इन नए नियमों का सख्ती से पालन करने और निर्धारित समयसीमा के अंदर सभी आकलन पूरे करने के निर्देश दिए हैं।

इस बार प्रैक्टिकल आंसर बुक में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब आंसर बुक में दोनों परीक्षकों (आंतरिक एवं बाह्य परीक्षक) को यह लिखित अंडरटेकिंग देनी होगी कि सभी अंक पूरी तरह सही हैं और वेब पोर्टल पर सटीक रूप से अपलोड किए गए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि मार्क्स अपलोड होने के बाद कोई संशोधन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

प्रैक्टिकल परीक्षाओं की तिथियां घोषित
- नियमित सत्र वाले स्कूल: 1 जनवरी 2026 से 14 फरवरी 2026 तक
- शीतकालीन (विंटर बाउंड) स्कूल: 6 नवंबर 2025 से 6 दिसंबर 2025 तक

बोर्ड ने कहा है कि इस सत्र में चार अलग-अलग परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं, इसलिए समय प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। सभी स्कूलों को अपनी-अपनी समयसारणी ऊपर दी गई तिथियों के अनुसार तैयार करनी होगी और निर्धारित अवधि में पूरी प्रक्रिया संपन्न करनी होगी।

रेगुलर छात्रों के लिए विशेष निर्देश
- प्रैक्टिकल/प्रोजेक्ट/इंटरनल असेसमेंट केवल उन्हीं छात्रों के लिए होंगे जिनका नाम स्कूल ने LOC (List of Candidates) के जरिए बोर्ड को भेजा है।
- यदि किसी छात्र का नाम LOC में नहीं है तो स्कूल को तुरंत संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क करना होगा।
- परीक्षा के दौरान स्कूल को यह सुनिश्चित करना होगा कि सामने उपस्थित छात्र वही वास्तविक छात्र है।

प्राइवेट उम्मीदवारों के लिए नियम

प्राइवेट छात्रों को प्रैक्टिकल एवं इंटरनल असेसमेंट के अंक CBSE की मौजूदा नीति और परीक्षा उप-नियमों (Examination Bye-Laws) के अनुसार ही प्रदान किए जाएंगे। यदि किसी कारणवश प्रैक्टिकल दोबारा आयोजित करना पड़े तो वह भी बोर्ड की निर्धारित नीति के तहत ही होगा। स्कूलों को सभी प्राइवेट उम्मीदवारों को बोर्ड की पूरी नीति स्पष्ट रूप से बताने के निर्देश दिए गए हैं।