CBSE की नई पहल: कक्षा 3 से 8 तक CT और AI पाठ्यक्रम लागू, शिक्षकों को भी मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
नई दिल्ली: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए कक्षा 3 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (CT) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का नया पाठ्यक्रम लागू कर दिया है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों दोनों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और शिक्षा को अधिक व्यावहारिक बनाना है।
इस नए पाठ्यक्रम के तहत शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे नई और प्रभावी शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से CT और AI की अवधारणाओं को पढ़ा सकें। शिक्षक यह सीखेंगे कि कैसे गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं जैसे विषयों में इन तकनीकों को शामिल किया जा सकता है।
CBSE के अनुसार, इस पहल का मुख्य लक्ष्य विद्यार्थियों में तार्किक सोच, समस्या समाधान क्षमता, पैटर्न पहचान और AI के नैतिक उपयोग की समझ विकसित करना है। यह पाठ्यक्रम बच्चों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम बनाने पर भी जोर देगा।
बोर्ड ने वर्ष 2026-27 के लिए CT और AI को शिक्षकों के प्रशिक्षण की प्रमुख थीम भी बनाया है। इसके तहत सालभर सात उप-विषयों पर गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें कम्प्यूटेशनल थिंकिंग के मूल सिद्धांत, खेल आधारित शिक्षण, गणित के माध्यम से AI की समझ, वास्तविक जीवन में AI का उपयोग, मूल्यांकन रणनीतियां और AI का जिम्मेदार उपयोग शामिल हैं।
इसके अलावा, CBSE ने स्कूलों को तीन स्तर पर गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। जिला स्तर पर एक दिवसीय कार्यशालाएं होंगी, स्कूल स्तर पर विशेषज्ञों के व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे, जबकि क्षेत्रीय स्तर पर ओरिएंटेशन कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
CBSE का मानना है कि इस पहल से स्कूलों में AI आधारित शिक्षण वातावरण विकसित होगा और शिक्षकों के कौशल में सुधार आएगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और प्रभावशीलता दोनों में वृद्धि होगी।
