डेटा साइंस बना सबसे बड़ा करियर ट्रेंड, लाखों की डिमांड में हैं एक्सपर्ट्स
Mumbai : डिजिटल युग में हर सेक्टर चाहे ई-कॉमर्स हो, बैंकिंग हो या सोशल मीडिया,अब पूरी तरह डेटा पर आधारित होता जा रहा है। इसी वजह से डेटा साइंस तेजी से उभरता हुआ करियर विकल्प बन गया है। इस फील्ड में डेटा का विश्लेषण कर उपयोगी इनसाइट्स निकाले जाते हैं, जिनके आधार पर कंपनियां भविष्य की रणनीति तैयार करती हैं।
बढ़ रही है डेटा साइंटिस्ट की डिमांड
बढ़ते डिजिटल ट्रांजैक्शंस और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के कारण कंपनियों को ऐसे विशेषज्ञों की जरूरत है जो डेटा को समझकर बिजनेस फैसलों में मदद कर सकें। यही कारण है कि प्राइवेट सेक्टर में डेटा साइंटिस्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है और आने वाले समय में इसमें और तेजी आने की संभावना है।
कौन सी पढ़ाई जरूरी?
डेटा साइंस में करियर बनाने के लिए 12वीं के बाद मैथ्स या साइंस बैकग्राउंड फायदेमंद माना जाता है। इसके बाद उम्मीदवार निम्न कोर्स कर सकते हैं—
- B.Tech (कंप्यूटर साइंस)
- BSc (सांख्यिकी / गणित / डेटा साइंस)
- MSc डेटा साइंस और एनालिटिक्स
- डेटा साइंस / डेटा एनालिटिक्स में PG डिप्लोमा
इसके अलावा कई प्रोफेशनल सर्टिफिकेट कोर्स भी उपलब्ध हैं जैसे आईबीएम डेटा साइंस सर्टिफिकेट, गूगल डेटा एनालिटिक्स सर्टिफिकेट और माइक्रोसॉफ्ट एज़्योर डेटा साइंटिस्ट सर्टिफिकेशन।
जरूरी स्किल्स
इस क्षेत्र में सफलता के लिए कुछ प्रमुख स्किल्स जरूरी हैं—
- पायथन या आर ऑपरेटर
- सांख्यिकी और गणित की समझ
- यंत्र अधिगम
- डेटा विज़ुअलाइज़ेशन उपकरण (झांकी, पावर बीआई)
- एसक्यूएल
- समस्या-समाधान और विश्लेषणात्मक सोच
करियर ग्रोथ के मौके
शुरुआत में उम्मीदवार छोटे प्रोजेक्ट्स पर काम करके पोर्टफोलियो तैयार कर सकते हैं, जैसे डेटा एनालिसिस और प्रेडिक्शन मॉडल बनाना। इससे नौकरी पाने में आसानी होती है।
अनुभव बढ़ने के साथ डेटा साइंटिस्ट्स वरिष्ठ डेटा साइंटिस्ट, मशीन लर्निंग इंजीनियर और एआई विशेषज्ञ जैसी उच्च पदों तक पहुंच सकते हैं। इस क्षेत्र में न सिर्फ अच्छी सैलरी मिलती है, बल्कि करियर ग्रोथ के भी बेहतरीन अवसर मौजूद हैं।
