CUET PG अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर! BHU ने जारी किया स्पॉट एडमिशन शेड्यूल, 30 जुलाई से PG कक्षाएं शुरू
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में CUET-PG 2026 के तहत स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। विश्वविद्यालय ने 30 जुलाई से पीजी कक्षाएं शुरू करने की घोषणा कर दी है। वहीं, विभिन्न कोटे और सुपरन्यूमरेरी सीटों सहित करीब 2,500 सीटें अब भी खाली हैं, जिन्हें भरने के लिए स्पॉट राउंड आयोजित किया जाएगा।
10 से 14 जुलाई तक होगा स्पॉट रजिस्ट्रेशन
केंद्रीय प्रवेश समिति द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 10 से 14 जुलाई तक स्पॉट रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। CUET-PG में पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध सीटों के अनुसार अपने पसंदीदा पाठ्यक्रम के लिए आवेदन कर सकेंगे।
इसके बाद 16 जुलाई से पहले स्पॉट राउंड के तहत सीट आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी। यदि इसके बाद भी सीटें खाली रहती हैं, तो 20 जुलाई को दूसरा स्पॉट राउंड आयोजित किया जा सकता है।
22 जुलाई से जारी होंगे कॉल लेटर
विश्वविद्यालय के अनुसार, स्पॉट राउंड के अभ्यर्थियों के कॉल लेटर 22 जुलाई से स्टूडेंट पोर्टल पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
27 जुलाई: पहले सीट आवंटन राउंड और GDPI राउंड के अभ्यर्थियों की रिपोर्टिंग।
28 जुलाई: दूसरे, तीसरे, चौथे तथा सभी स्पॉट राउंड के चयनित अभ्यर्थियों की रिपोर्टिंग।
30 जुलाई: सभी पीजी पाठ्यक्रमों की कक्षाएं शुरू होंगी।
अब तक 8400 सीटों में से अधिकांश पर हुआ प्रवेश
BHU में इस वर्ष पीजी के लगभग 8,400 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। GDPI और प्रैक्टिकल आधारित 27 पाठ्यक्रमों की लगभग 1,400 सीटों में से करीब आधी भर चुकी हैं। वहीं, 123 सामान्य पाठ्यक्रमों में अब तक 5,000 से अधिक अभ्यर्थी प्रवेश ले चुके हैं।
विदेशी छात्रों के लिए भी शुरू हुई प्रवेश प्रक्रिया
विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए भी ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस वर्ष 585 शैक्षणिक कार्यक्रमों में विदेशी विद्यार्थियों के लिए 25 प्रतिशत सीटें निर्धारित की गई हैं।
अब तक विदेशी छात्रों की ओर से करीब 1,500 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जबकि विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए 5,000 से अधिक बुलेटिन डाउनलोड किए जा चुके हैं।
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि विदेशी छात्रों के लिए आवेदन केवल समर्पित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। साथ ही, आरक्षित सीटों में 5 प्रतिशत सीटें एनआरआई बच्चों और 5 प्रतिशत सीटें खाड़ी देशों में कार्यरत भारतीयों के बच्चों के लिए निर्धारित की गई हैं।
