कोलकाता :जवाहरलाल नेहरू विद्यापीठ में मनी श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती, 'एक देश, एक विधान' के संकल्प को किया याद
कोलकाता। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर सोमवार को जवाहरलाल नेहरू विद्यापीठ (बॉयज़) हाई स्कूल में "स्मरणोत्सव" कार्यक्रम का आयोजन देशभक्ति और श्रद्धा के माहौल में किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने डॉ. मुखर्जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मधुरिमा चंद्रा ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इसके बाद विद्यालय के सभी शिक्षकों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रधानाध्यापिका मधुरिमा चंद्रा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी महान शिक्षाविद्, कुशल प्रशासक और प्रखर राष्ट्रवादी थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन भारत की एकता और अखंडता को समर्पित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि डॉ. मुखर्जी ने धारा 370 का विरोध करते हुए "एक देश, एक विधान" का नारा दिया था और इसी सिद्धांत के लिए वर्ष 1953 में बिना परमिट कश्मीर में प्रवेश कर सत्याग्रह किया। 23 जून 1953 को श्रीनगर में उनका निधन हुआ, जिसे देश की एकता के लिए उनके बलिदान के रूप में याद किया जाता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी डॉ. मुखर्जी के जीवन, विचारों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इसके साथ ही छात्रों द्वारा तैयार की गई डॉ. मुखर्जी के जीवन की विभिन्न घटनाओं पर आधारित चित्र प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही, जिसकी सभी ने सराहना की।
इस आयोजन को सफल बनाने में कौशिक साधुखान, नितेश्वर चौधरी, सुनीता राउत, गिरिजेश शर्मा, राजेश शर्मा, राजेंद्र रजक, मो. इब्राहिम, मृत्युंजय सिंह, सुमन कुमार दास और बब्लू सिंह सहित विद्यालय के शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन विनोद यादव ने किया।
