Movie prime

NCERT की 9वीं की सोशल साइंस किताब में बड़ा बदलाव, पहली बार पढ़ाया जाएगा इमरजेंसी का अध्याय
 

 
 NCERT की 9वीं की सोशल साइंस किताब में बड़ा बदलाव, पहली बार पढ़ाया जाएगा इमरजेंसी का अध्याय
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

नई दिल्ली। कक्षा 9वीं के छात्रों के लिए सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई में बड़ा बदलाव किया गया है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ‘अंडरस्टैंडिंग सोसायटी: इंडिया एंड बियांड’ नाम से नई सामाजिक विज्ञान की पुस्तक जारी की है। यह पुस्तक नई शिक्षा नीति (NEP 2020) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF 2023) के अनुरूप तैयार की गई है।

नई पुस्तक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब तक अलग-अलग पढ़ाई जाने वाली इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र की चार पुस्तकों को एक ही पुस्तक में समाहित कर दिया गया है। इसके साथ ही पहली बार कक्षा 9वीं के विद्यार्थियों को वर्ष 1975 में लागू किए गए आपातकाल (इमरजेंसी) के बारे में भी पढ़ाया जाएगा।

नई किताब की शुरुआत आदिमानवों और हड़प्पा सभ्यता से होती है। इसमें वैदिक काल, महाजनपद, महाभारत में राजा के कर्तव्य, प्रारंभिक भारत में महिलाओं की भूमिका, वित्तीय साक्षरता, आपदा प्रबंधन तथा वास्तविक जीवन से जुड़े विषयों को भी शामिल किया गया है।

एनसीईआरटी ने पाठ्यक्रम में कई पुराने अध्यायों को हटाने का निर्णय भी लिया है। इतिहास विषय से फ्रांसीसी क्रांति, यूरोप में समाजवाद और रूसी क्रांति, नाजीवाद और हिटलर का उदय, वन समाज और उपनिवेशवाद तथा आधुनिक विश्व में पशुपालक जैसे अध्याय अब पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं होंगे।

भूगोल विषय में भी बदलाव किया गया है। भारत का आकार और स्थिति, प्राकृतिक वनस्पति एवं वन्यजीव तथा भारत की भौतिक संरचना को अब अलग-अलग अध्यायों के बजाय एक ही इकाई में पढ़ाया जाएगा। वहीं, जनसंख्या अध्याय को पाठ्यक्रम से हटा दिया गया है। नई पुस्तक में वर्ष 2025 की पंजाब बाढ़ और कार्बन फुटप्रिंट जैसे समकालीन विषयों को भी शामिल किया गया है।

अर्थशास्त्र विषय में भी संशोधन करते हुए ‘गांव पालमपुर की कहानी’, ‘गरीबी एक चुनौती’, ‘भारत में खाद्य सुरक्षा’ और ‘संसाधन के रूप में लोग’ जैसे अध्यायों को हटाया गया है। इसके स्थान पर विद्यार्थियों को उद्यमिता, स्वयं का व्यवसाय शुरू करने और स्टार्टअप से जुड़े विषयों की जानकारी दी जाएगी।

एनसीईआरटी का कहना है कि नई पुस्तक का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें समकालीन सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय मुद्दों से भी जोड़ना है।