NEET पेपर विवाद के बाद NTA में नई व्यवस्था, 4 स्टेप में जांचे जाएंगे प्रश्न-पत्र
New Delhi : NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली में सुधार को लेकर केंद्र सरकार लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में सरकार ने NTA में दो डायरेक्टर और एक ज्वाइंट डायरेक्टर की नियुक्ति की है। माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों से एजेंसी के कामकाज को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
NTA में 3 अधिकारियों की नियुक्ति
केंद्र सरकार की ओर से NTA में नियुक्त किए गए अधिकारियों में IPS अधिकारी रवि कुमार सिंह और IAS अधिकारी प्रसन्ना वेंकटेश वी शामिल हैं। इसके अलावा 2016 बैच के भारतीय राजस्व सेवा अधिकारी अमित समदरिया को ज्वाइंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।
कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, सभी अधिकारियों को आदेश जारी होने के तीन सप्ताह के भीतर अपने नए पद पर कार्यभार संभालना होगा। निर्धारित समय में पद ग्रहण नहीं करने पर उन्हें केंद्रीय कर्मचारी योजना से बाहर किया जा सकता है।
600 पेपर एक्सपर्ट हटाए गए थे
NEET-UG पेपर लीक के बाद NTA की प्रश्न-पत्र तैयार करने की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आई थी। हाल ही में एजेंसी में प्रश्न-पत्र तैयार करने वाले करीब 600 एक्सपर्ट को हटाया गया था।
इसके साथ ही NTA में नई नियुक्तियों और कार्यप्रणाली में सुधार के लिए केंद्र सरकार ने नई व्यवस्था लागू करने की दिशा में कदम उठाए हैं।
अब 4 स्तर पर होगी पेपर की जांच
NTA की परीक्षाओं में प्रश्न-पत्र की गुणवत्ता और गलतियों को लेकर भी नई व्यवस्था तैयार की गई है। इसके तहत प्रश्न-पत्र की *चार-स्तरीय जांच प्रक्रिया* अपनाई जाएगी।
प्रश्न-पत्र तैयार होने के बाद अलग-अलग चरणों में—
- तथ्यों की जांच
- टाइपिंग संबंधी गलतियों की जांच
- भाषा की जांच
- अनुवाद की जांच की जाएगी।
इसका उद्देश्य परीक्षा से पहले प्रश्न-पत्र में किसी भी तरह की गलती की संभावना को कम करना है।
NEET विवाद के बाद NTA पर बढ़ा दबाव
NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विवादों के बाद NTA की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर लगातार सवाल उठे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से की जा रही नई नियुक्तियों और परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव को NTA के कामकाज को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
