PM Internship Scheme 2026: 18-25 उम्र के युवाओं को ₹9,000 महीना, नए नियम लागू
केंद्र सरकार ने देश के युवाओं को बेहतर करियर अवसर देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) में बड़े बदलाव किए हैं। योजना को अधिक समावेशी बनाने के लिए पात्रता मानदंडों में संशोधन किया गया है। अब इस योजना के लिए उम्र सीमा 21-24 साल से बढ़ाकर 18-25 साल कर दी गई है, जिससे ज्यादा युवा इसका लाभ उठा सकेंगे।
सरकार ने इंटर्न्स को मिलने वाली वित्तीय सहायता में भी बड़ी बढ़ोतरी की है। पायलट प्रोजेक्ट के तीसरे चरण में चयनित युवाओं को अब हर महीने 9,000 रुपये स्टाइपेंड दिया जाएगा। इसमें 90% राशि सरकार और 10% संबंधित कंपनी द्वारा वहन की जाएगी। इसके अलावा, सरकार की ओर से 6,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता दो किस्तों में दी जाएगी। इससे पहले यह स्टाइपेंड 5,000 रुपये प्रति माह था, जिसे अब लगभग दोगुना कर दिया गया है।
यह फैसला नई शिक्षा नीति (NEP) को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सरकार का मानना है कि कई छात्र डिग्री तो हासिल कर लेते हैं, लेकिन व्यावहारिक अनुभव की कमी के कारण उन्हें नौकरी पाने में कठिनाई होती है। प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना का उद्देश्य इस अंतर को खत्म करना और युवाओं को इंडस्ट्री से जोड़ना है।
हालांकि, फाइनल ईयर के छात्रों के लिए एक अहम शर्त भी तय की गई है। आवेदन करने वाले छात्रों को अपने कॉलेज या संस्थान से ‘अनापत्ति प्रमाण पत्र’ (NOC) जमा करना अनिवार्य होगा। यह प्रमाण पत्र एचओडी, डीन या प्रिंसिपल द्वारा जारी किया जाएगा, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इंटर्नशिप से पढ़ाई पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
इस योजना के तहत अगले पांच वर्षों में देश की टॉप 500 कंपनियों में एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप देने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल 300 से अधिक कंपनियां इस पायलट प्रोजेक्ट से जुड़ चुकी हैं। इस बार ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs), रिन्यूएबल एनर्जी और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते सेक्टरों को भी योजना में शामिल किया गया है।
