SIR भड़के अभिनेता प्रकाश राज, बोले- ‘जब तक प्रक्रिया वापस नहीं होगी, विरोध जारी रहेगा’
जाने-माने अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज ने एक बार फिर केंद्र सरकार और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मतदाता सूची के लिए चल रही ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने की मांग की है। प्रकाश राज का कहना है कि यह सिर्फ मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इससे नागरिकों के अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) और विभिन्न नागरिक संगठनों की ओर से आयोजित विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रकाश राज ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त स्वतंत्र रूप से काम करने के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम कर रहे हैं।
प्रकाश राज ने कहा कि SIR के तहत जिस तरह मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं, उससे आम नागरिकों और खासकर वंचित वर्गों के बीच डर और असुरक्षा का माहौल पैदा हो रहा है। उन्होंने इसे महज एक प्रशासनिक या तकनीकी प्रक्रिया मानने से इनकार करते हुए कहा कि मतदाता सूची में नाम होना हर नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मामला है।
प्रदर्शन में शामिल विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी मतदाता सूची में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि किसी भी नागरिक का मताधिकार उचित प्रक्रिया और पर्याप्त कारण के बिना प्रभावित नहीं होना चाहिए।
प्रकाश राज ने स्पष्ट किया कि जब तक SIR प्रक्रिया को पूरी तरह वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने नागरिक संगठनों और आम लोगों से भी इस मुद्दे पर आवाज उठाने की अपील की।
